चर्च पर जबरन धर्म परिवर्तन का आरोप दौसा में बवाल , जमकर नारेबाजी

दौसा जिले के गणेशपुरा रोड पर स्थित अगापे फैलोशिप चर्च पर गलत तरीके से धर्म परिवर्तन का आरोप लगाया गया है। हिंदू संगठनों का कहना है कि यहां हर रविवार को लोगों का ईसाई धर्म में जबरदस्ती धर्म परिवर्तन कराया जाता है। धर्मांतरण को लेकर बवाल मचा हुआ है।
हिंदू संगठनों का दावा है कि प्रेयर के नाम पर आने वाली महिलाओं से उनकी चूड़ियां उतरवाई जाती हैं, सिंदूर तथा मंगलसूत्र हटवाए जाते हैं, और फिर उनको ईसाई धर्म अपनाने के लिए कहा जाता है। रविवार को जब चर्च में प्रार्थना चल रही थी, तभी विश्व हिंदू परिषद, बजरंग दल, आरएसएस तथा अन्य संगठनों के कार्यकर्ता चर्च के बाहर इकट्ठा हो गए और जोरदार नारेबाजी शुरू कर दी। ‘जय श्रीराम’ के नारों के साथ चर्च को सील करने तथा धर्म परिवर्तन में लिप्त लोगों को अरेस्ट करने की मांग की गई।
हिन्दू संगठनों का कहना है कि चर्च के पादरी ने पहले कुछ हिन्दू समाज में अच्छी पहचान रखने वालों का धर्म परिवर्तन कराया और फिर उनके माध्यम से गरीब तथा निचले तबके के लोगों को लालच देकर इस अगापे फैलोशिप चर्च में बुलाया जाता और प्रेयर कराई जाती। कुछ सप्ताह तो प्रेयर ही कराई जाती है लेकिन उसके बाद धीरे-धीरे हिंदू देवी देवताओं और भगवान में कोई शक्ति नहीं होती, ये कहकर लोगों का ब्रेन वॉश किया जाता था। फिर चर्च में एक गुप्त जगह पर लेजाकर पानी में हाथ लगवाया जाता, चूड़ी उतरवाई जाती, सिंदूर और मंगलसूत्र भी हटवाया जाता, इसके बाद उनसे बोला जाता कि आज से आप ईसाई बन गए।
मौके पर पहुंची पुलिस
हंगामे की जानकारी मिलते ही डीएसपी रवि प्रकाश शर्मा, कोतवाली पुलिस और जिला स्पेशल टीम वहां पहुंची। पुलिस ने लोगों को शांत कराया तथा चर्च में मौजूद लोगों से पूछताछ भी की। कुछ परिवारों को हिंदू संगठनों ने पुलिस को सौंपा है, जिनसे पूछताछ चल रही है। पुलिस का कहना है कि मामले में शिकायत मिली है और जांच जारी है। पुलिस का कहना है कि कुछ लोग पुलिस को अलग-अलग बयान देकर गुमराह करने की कोशिश भी कर रहे हैं।पादरी ने क्या कहा?
चर्च के पादरी थॉमस जॉर्ज ने इन सभी आरोपों को खारिज किया है। पादरी ने कहा कि चर्च में पिछले 22 साल से प्रेयर हो रही है, लेकिन कभी भी किसी को जबरन या फिर लालच देकर धर्म परिवर्तन के लिए नहीं बुलाया गया।
