खाड़ी युद्ध की तपिश:: रसोई से लेकर डिस्पोजल तक सब महंगा, लॉकडाउन की अफवाहों ने बढ़ाई चिंता

रसोई से लेकर डिस्पोजल तक सब महंगा, लॉकडाउन की अफवाहों ने बढ़ाई चिंता
X


भीलवाड़ा विजय गढवाल । खाड़ी देशों में छिड़े युद्ध के बाद वैश्विक स्तर पर उपजी अस्थिरता का सीधा असर अब आम आदमी की जेब पर पड़ने लगा है। भीलवाड़ा सहित देशभर के बाजारों में खाद्य तेल और प्लास्टिक उत्पादों की कीमतों में 'आग' लग गई है। थोक व्यापारियों के अनुसार, महज एक सप्ताह के भीतर रसोई के बजट में भारी बढ़ोतरी हुई है।

खाद्य तेलों में ₹200 तक का उछाल

थोक बाजार में खाद्य तेलों के दाम में प्रति टिन (13 से 15 किलो) ₹100 से लेकर ₹200 तक की तेजी दर्ज की गई है। इस अचानक आई बढ़ोतरी ने आम उपभोक्ता के साथ-साथ हलवाई और होटल संचालकों की भी चिंता बढ़ा दी है।

महंगाई की मुख्य वजहें:

सप्लाई चैन प्रभावित: भारत अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा खाड़ी देशों से आयात करता है। युद्ध के कारण समुद्री मार्गों (विशेषकर होर्मुज जलडमरूमध्य) में खतरा बढ़ने से माल ढुलाई (फ्रेट) काफी महंगी हो गई है।

कच्चा तेल (क्रूड): अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चा तेल $103 प्रति बैरल के पार जाने से ट्रांसपोर्ट और पैकेजिंग की लागत बढ़ गई है।

आयात पर निर्भरता: भारत पाम ऑयल, सोयाबीन और सनफ्लावर ऑयल के लिए विदेशों पर निर्भर है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में पाम ऑयल और सोयाबीन ऑयल के ऊंचे दामों का असर स्थानीय बाजार पर दिख रहा है।स्टॉक और जमाखोरी: कीमतों में और तेजी आने की आशंका में व्यापारियों द्वारा माल का स्टॉक करने से भी बाजार में कृत्रिम कमी महसूस की जा रही है।

प्लास्टिक और डिस्पोजल सामग्री भी हुई महंगी



खाद्य तेलों के साथ-साथ प्लास्टिक की बोतलें और डिस्पोजल सामग्री (गिलास, पत्तल, दोने) के दामों में भी तेजी आई है। डिस्पोजल सामान में प्रति बंडल ₹1 से ₹3 तक की बढ़ोतरी हुई है। चूंकि डिस्पोजल और प्लास्टिक उत्पाद पेट्रोलियम डेरिवेटिव्स (पॉलिमर) से बनते हैं, इसलिए कच्चे तेल की कीमतों में उछाल का सीधा असर इन पर भी पड़ा है।



लॉकडाउन की अफवाहों का बाजार गर्म, पीएम ने किया खंडन




बाजार में बढ़ती महंगाई के बीच पिछले कुछ दिनों से देश में फिर से 'लॉकडाउन' लगने की अफवाहें तेजी से फैल रही हैं। खासकर सोशल मीडिया पर 'Lockdown 2026' जैसे कीवर्ड ट्रेंड करने से आम जनता में दहशत का माहौल है।

प्रधानमंत्री ने दी सफाई:

शुक्रवार को मुख्यमंत्रियों के साथ हुई उच्च स्तरीय बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा कि देश में लॉकडाउन लगाने की कोई योजना नहीं है। उन्होंने जनता से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें। सरकार ने स्पष्ट किया है कि भारत के पास पर्याप्त रणनीतिक तेल भंडार और वैकल्पिक सप्लाई चैन मौजूद है।

अफवाहों का असर:

पीएम के आश्वासन के बावजूद भीलवाड़ा के बाजारों और चाय की थड़ियों पर लोग भविष्य को लेकर आशंकित नजर आ रहे हैं। इस डर की वजह से लोग जरूरत से ज्यादा सामान खरीदकर घर में स्टॉक कर रहे हैं, जिससे बाजार में भीड़ और सामान की किल्लत बढ़ रही है।

भीलवाड़ा हलचल न्यूज पोर्टल पर अपनी खबर देने के लिए संपर्क करें:

समाचार: प्रेम कुमार गढवाल 9413376078 (Email: [email protected], व्हाट्सएप: 9829041455)

विज्ञापन: विजय गढवाल 6377364129

संपर्क कार्यालय: भीलवाड़ा हलचल, कलेक्ट्री रोड, नई शाम की सब्जी मंडी, भीलवाड़ा। फोन: 7737741455

Next Story