एक्सक्लूसिव हाउस पार्टी स्कैम युवाओं को बनाया जा रहा है शिकार

एक्सक्लूसिव हाउस पार्टी स्कैम युवाओं को  बनाया जा रहा है शिकार
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सोशल मीडिया पर दिखने वाली चमकदार जिंदगी और एक्सक्लूसिव पार्टियों का लालच अब युवाओं के लिए बड़ा खतरा बनता जा रहा है। एक्सक्लूसिव हाउस पार्टी के नाम पर एक संगठित गिरोह युवाओं को फंसाकर उनसे मोटी रकम वसूल रहा है। इंस्टाग्राम और वॉट्सऐप के जरिए चल रहा यह स्कैम इतना सुनियोजित है कि पहली नजर में किसी को शक तक नहीं होता। हकीकत यह है कि जिन पार्टियों का वादा किया जाता है, वे होती ही नहीं हैं। सिर्फ पैसा और निजी जानकारी ठगने के लिए पूरा जाल बिछाया जाता है।

इस स्कैम की शुरुआत सोशल मीडिया से होती है। इंस्टाग्राम पर आकर्षक रील्स और वीडियो पोस्ट किए जाते हैं, जिनमें लग्जरी घर, म्यूजिक, डांस, खूबसूरत लोग और स्ट्रेंजर मीट जैसे शब्दों का इस्तेमाल किया जाता है। वीडियो देखकर युवाओं को लगता है कि यह कोई हाई प्रोफाइल और सीमित लोगों की पार्टी है, जहां जाना एक खास अनुभव होगा। वीडियो में लिमिटेड एंट्री और जल्दी बुकिंग जैसे मैसेज डालकर युवाओं पर मानसिक दबाव बनाया जाता है ताकि वे बिना ज्यादा सोचे समझे आगे बढ़ जाएं।

जैसे ही कोई युवक या युवती पार्टी में रुचि दिखाता है, उसे एक वॉट्सऐप ग्रुप में जोड़ दिया जाता है। यह ग्रुप पूरी तरह से स्कैम का हिस्सा होता है। इसमें कुछ असली लोग होते हैं और कई फर्जी अकाउंट भी शामिल रहते हैं। ये फर्जी सदस्य लगातार पार्टी को लेकर उत्साह दिखाते रहते हैं। कोई लिखता है कि पिछली पार्टी शानदार थी, कोई कहता है कि इस बार और भी ज्यादा मजा आएगा। इस तरह ग्रुप में ऐसा माहौल बनाया जाता है कि सामने वाला खुद को इस एक्सक्लूसिव सर्कल का हिस्सा मानने लगता है।

इसके बाद इंस्टाग्राम पेज के बायो में दिए गए गूगल फॉर्म को भरने के लिए कहा जाता है। इस फॉर्म में नाम, मोबाइल नंबर, उम्र और कभी कभी सोशल मीडिया प्रोफाइल का लिंक भी मांगा जाता है। दावा किया जाता है कि यह वेरिफिकेशन के लिए जरूरी है और पार्टी सिर्फ परिपक्व लोगों के लिए है। सबसे खतरनाक मोड़ यहीं आता है, जब उम्र सत्यापन के नाम पर आधार कार्ड की फोटो या उसकी डिटेल मांगी जाती है। बहुत से युवा बिना सोचे समझे अपनी पहचान से जुड़ी संवेदनशील जानकारी भेज देते हैं। इससे न सिर्फ उनका पैसा ठगा जाता है, बल्कि उनकी पहचान का गलत इस्तेमाल होने का खतरा भी बढ़ जाता है।

फॉर्म भरने के बाद अगला कदम होता है पेमेंट। युवाओं को एक QR कोड या UPI आईडी भेजी जाती है और कहा जाता है कि सीट कन्फर्म करने के लिए तुरंत भुगतान करना होगा। रकम कभी एंट्री फीस के नाम पर ली जाती है तो कभी कपल पास या एक्सक्लूसिव एक्सेस के नाम पर। पेमेंट करने के बाद उनसे स्क्रीनशॉट मांगा जाता है। भरोसा दिलाया जाता है कि पार्टी का वेन्यू इवेंट के दिन ही बताया जाएगा ताकि गोपनीयता बनी रहे और भीड़ नियंत्रित रहे।

असल धोखा पार्टी वाले दिन सामने आता है। तय दिन युवाओं को एक लोकेशन भेजी जाती है। जब वे वहां पहुंचते हैं तो न कोई पार्टी होती है और न कोई आयोजक। उसी समय ठगों के फोन बंद हो जाते हैं। वॉट्सऐप ग्रुप में मैसेज का जवाब आना बंद हो जाता है। कुछ ही घंटों में इंस्टाग्राम अकाउंट डिलीट या इनएक्टिव कर दिया जाता है। पीड़ित युवक युवतियां खुद को ठगा हुआ महसूस करते हैं, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी होती है।

जांच में सामने आया है कि यह कोई एक शहर तक सीमित गिरोह नहीं है। यह एक नेटवर्क की तरह काम कर रहा है, जो देश के अलग अलग शहरों में एक ही पैटर्न पर ठगी कर रहा है। भोपाल से पहले इंदौर, जयपुर और चंडीगढ़ जैसे शहरों में भी इसी तरह के मामलों की शिकायतें सामने आ चुकी हैं। चेहरे बदलते रहते हैं, शहर बदलते रहते हैं, लेकिन तरीका हमेशा वही रहता है।

इस तरह के स्कैम से बचने के लिए युवाओं को बेहद सतर्क रहने की जरूरत है। किसी भी अनजान इंस्टाग्राम पेज या वॉट्सऐप ग्रुप पर आंख मूंदकर भरोसा न करें। आधार कार्ड या कोई भी पहचान पत्र किसी अनजान व्यक्ति या ऑनलाइन फॉर्म में कभी न भेजें। अगर कोई पार्टी या इवेंट बहुत ज्यादा गोपनीयता का दावा करे और पहले से वेन्यू बताने से इनकार करे, तो सावधान हो जाएं। किसी भी तरह का पेमेंट करने से पहले आयोजकों की पूरी जानकारी जांचें।

याद रखें, असली पार्टियों और इवेंट्स में पारदर्शिता होती है। जहां सिर्फ जल्दबाजी, दबाव और गोपनीयता दिखाई दे, वहां खतरा छिपा हो सकता है। थोड़ी सी सतर्कता आपको बड़े नुकसान से बचा सकती है।

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