भीलवाड़ा जयपुर मार्ग पर अवैध वसूली के सिंडिकेट का भंडाफोड़; परिवहन निरीक्षक समेत 13 हिरासत में

भीलवाड़ा जयपुर मार्ग पर अवैध वसूली के सिंडिकेट का भंडाफोड़; परिवहन निरीक्षक समेत 13 हिरासत में
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भीलवाड़ा/अजमेर। राजस्थान में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने गुरुवार को परिवहन विभाग में जड़ें जमा चुके 'मंथली और अवैध वसूली' के बड़े नेटवर्क को ध्वस्त कर दिया। भीलवाड़ा-जयपुर राजमार्ग सहित विभिन्न नेशनल और स्टेट हाईवे पर वाहनों से अवैध वसूली के खेल में एसीबी ने एक परिवहन निरीक्षक (Transport Inspector) सहित कुल 13 लोगों को हिरासत में लिया है। टीम ने एक साथ 11 ठिकानों पर छापेमारी कर लाखों के लेनदेन का कच्चा चिट्ठा बरामद किया है।

11 ठिकानों पर एक साथ 'स्ट्राइक', डायरियों में कैद है वसूली का गणित

एसीबी के महानिदेशक गोविंद गुप्ता के निर्देशन में ब्यूरो की टीमों ने ब्यावर, नसीराबाद, विजयनगर, केकड़ी, किशनगढ़ और अजमेर क्षेत्र में आकस्मिक सर्च अभियान चलाया। कार्रवाई के दौरान जो सबूत मिले हैं, वे चौंकाने वाले हैं:

नकद और मोबाइल: 1.16 लाख रुपये की संदिग्ध नकदी और 19 मोबाइल फोन जब्त।

डिजिटल रिकॉर्ड: 12 संदिग्ध डायरियां मिली हैं, जिनमें लाखों रुपये के लेनदेन और डिजिटल भुगतान (QR कोड/UPI) का पूरा हिसाब दर्ज है।सबूत: साक्ष्यों के तौर पर 4 सीसीटीवी डीवीआर भी कब्जे में लिए गए हैं।

होटल और ढाबों से चलता था 'अवैध टोल'

जांच में सामने आया कि यह गिरोह राजमार्गों पर बने ढाबों और होटलों को अपना अड्डा बनाता था। यहां से गुजरने वाले ट्रकों और भारी वाहनों को रोककर प्रति वाहन 600 से 1000 रुपये की अवैध वसूली की जाती थी। यदि कोई चालक पैसे देने से मना करता, तो उसे चालान या अन्य कानूनी पचड़ों में फंसाने की धमकी दी जाती थी।

प्राइवेट दलालों का जाल: ऐसे होता था काम

एसीबी के अनुसार, परिवहन विभाग के अधिकारियों ने फील्ड में 'प्राइवेट एजेंट' और दलाल छोड़ रखे थे। ये दलाल वाहनों से पैसा इकट्ठा कर अधिकारियों तक पहुंचाते थे। प्रारंभिक जांच में यह स्पष्ट हुआ है कि यह नेटवर्क लंबे समय से सक्रिय था और रोजाना लाखों रुपये की काली कमाई की जा रही थी।

पूरे संभाग में हड़कंप

इस कार्रवाई के बाद परिवहन विभाग और ट्रांसपोर्ट कारोबारियों के बीच हड़कंप मचा हुआ है। एसीबी अब जब्त डायरियों के आधार पर उन बड़े नामों की तलाश कर रही है, जिनके पास इस वसूली का हिस्सा पहुंचता था। हिरासत में लिए गए लोगों से पूछताछ जारी है और जल्द ही इस मामले में बड़ी गिरफ्तारियां संभव हैं।

"हमें हाईवे पर संगठित वसूली की पुख्ता सूचना मिली थी। हिरासत में लिए गए लोगों और बरामद डायरियों से इस पूरे सिंडिकेट की कड़ियां जोड़ी जा रही हैं। भ्रष्टाचार के खिलाफ यह जीरो टॉलरेंस की नीति का हिस्सा है।" — गोविंद गुप्ता, महानिदेशक, ACB

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