अब स्कूल में ही अपडेट होगा बच्चों का आधार कार्ड, माता-पिता को नहीं जाना पड़ेगा आधार केंद्र

अब स्कूल में ही अपडेट होगा बच्चों का आधार कार्ड, माता-पिता को नहीं जाना पड़ेगा आधार केंद्र
X


नई दिल्ली।

बच्चों के आधार कार्ड से जुड़ी अपडेटिंग प्रक्रिया अब और भी आसान होने जा रही है। केंद्र सरकार एक नई योजना पर काम कर रही है, जिसके तहत बच्चों के आधार कार्ड अपडेट करने की सुविधा अब स्कूलों में ही उपलब्ध कराई जाएगी। इस कदम से उन लाखों माता-पिता को राहत मिलेगी जो बच्चों की जन्मतिथि, नाम, फोटो या अन्य विवरण अपडेट कराने के लिए आधार केंद्रों के चक्कर काटते हैं।

UIDAI और शिक्षा विभाग की साझा पहल

इस योजना को भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) और केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय की साझेदारी में लागू किया जाएगा। प्रस्तावित व्यवस्था के तहत स्कूलों को तकनीकी रूप से सशक्त बनाया जाएगा ताकि वे छात्रों के आधार डेटा को सही और सुरक्षित तरीके से अपडेट कर सकें।

सूत्रों के अनुसार, शुरुआत में यह योजना चयनित जिलों में पायलट प्रोजेक्ट के रूप में लागू की जाएगी और फिर देशभर में विस्तार किया जाएगा। स्कूलों को आवश्यक प्रशिक्षण और उपकरण दिए जाएंगे ताकि प्रक्रिया में किसी प्रकार की तकनीकी कठिनाई न आए।

बच्चों के आधार में क्यों होती है अपडेट की जरूरत?

अक्सर बच्चों के आधार कार्ड में उनकी उम्र बढ़ने के साथ फोटो और अन्य जानकारियों को अपडेट करने की जरूरत पड़ती है। 5 और 15 साल की उम्र में बच्चों का बायोमेट्रिक डेटा फिर से लिया जाता है। साथ ही, स्कूल एडमिशन, छात्रवृत्ति और सरकारी योजनाओं में आधार कार्ड एक अनिवार्य दस्तावेज बन चुका है।

मौजूदा व्यवस्था में माता-पिता को अपने बच्चों के साथ आधार केंद्र जाना पड़ता है, जहां भीड़ और समय की बाधा के चलते प्रक्रिया जटिल हो जाती है। नई योजना से यह प्रक्रिया सीधे स्कूलों से हो सकेगी, जिससे समय और संसाधनों की बचत होगी।

योजना के संभावित लाभ:

✅ माता-पिता को आधार केंद्रों के चक्कर नहीं लगाने होंगे

✅ बच्चों की स्कूल उपस्थिति के दौरान ही हो जाएगा अपडेट

✅ सरकारी योजनाओं में आवेदन आसान होगा

✅ आधार डाटा की शुद्धता और सुरक्षा सुनिश्चित होगी

✅ ग्रामीण और दूरदराज क्षेत्रों में रहने वाले परिवारों को विशेष लाभ

प्रारंभिक तैयारी शुरू

UIDAI की ओर से स्कूलों के लिए दिशानिर्देश तैयार किए जा रहे हैं। इसके अलावा, शिक्षकों और प्रशासनिक स्टाफ को प्रशिक्षण देने की प्रक्रिया भी शुरू की जाएगी। योजना को लागू करने से पहले डेटा सुरक्षा और बच्चों की निजता को लेकर सभी कानूनी प्रावधानों का पालन सुनिश्चित किया जाएगा।

Next Story