गहलोत सरकार के समय के अधिकारी हमारी सरकार में भी लेकिन नहीं हो रहे पेपर लीक: भजनलाल

पाली मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने मंगलवार को पाली जिले में आयोजित एक कार्यक्रम में पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के ताजा बयान का कड़ा जवाब दिया। उन्होंने कहा कि यह कहना गलत है कि गहलोत सरकार के समय के अधिकारी अब भी सिस्टम में हैं और इसलिए गड़बड़ियां होती रहेंगी। मुख्यमंत्री शर्मा ने साफ कहा कि अधिकारी किसी एक व्यक्ति के नहीं बल्कि राज्य की सरकार के होते हैं, और गहलोत सरकार के समय काम करने वाले अधिकारी आज भी हमारी सरकार में अपनी ड्यूटी निभा रहे हैं, फिर भी पेपर लीक की एक भी घटना नहीं हुई। यह फर्क खुद बहुत कुछ बता देता है।
युवाओं के सपनों से खिलवाड़ हुआ था
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने आरोप लगाया कि पिछली गहलोत सरकार के समय पेपर लीक का सिलसिला चरम पर था। उन्होंने कहा कि तब 19 में से 17 भर्ती परीक्षाओं के प्रश्नपत्र लीक हुए, जिससे लाखों युवाओं की मेहनत और सपनों पर पानी फिर गया। उन्होंने कहा कि उस दौर में हर परीक्षा पर संदेह का साया रहता था और सिस्टम कमजोर पड़ गया था।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार युवाओं के प्रति जवाबदेही को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है और यही कारण है कि अब तक एक भी परीक्षा का पेपर लीक नहीं हुआ। सिस्टम को तकनीकी तौर पर मजबूत बनाया गया है और निगरानी तंत्र को इतना सख्त किया गया है कि किसी को गड़बड़ी की गुंजाइश भी नहीं मिल रही।
आरएएस परिणाम पर भी बोले मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री ने हाल ही घोषित आरएएस परीक्षा परिणाम का उदाहरण देते हुए कहा कि अब मेधा और मेहनत को सम्मान मिल रहा है। उन्होंने कहा कि गांव के गरीब किसान और मजदूरों के बच्चे अपनी योग्यता के दम पर चयनित हो रहे हैं और यही पारदर्शी व्यवस्था उनके शासन की पहचान है। उनकी टिप्पणी का सीधा संकेत पिछले शासन की ओर था, जब उनके अनुसार नेताओं के रिश्तेदार बड़ी संख्या में चयनित हुआ करते थे।
मुख्यमंत्री शर्मा की यह प्रतिक्रिया प्रदेश में आगामी भर्तियों और राजनीतिक माहौल को देखते हुए महत्वपूर्ण मानी जा रही है। उनकी यह टिप्पणी साफ संकेत देती है कि सरकार पेपर लीक के मुद्दे पर जीरो टॉलरेंस की नीति जारी रखेगी और युवाओं को पारदर्शी व भरोसेमंद परीक्षा प्रणाली उपलब्ध कराने का दावा करती रहेगी।
