बिहार विधानसभा चुनाव 2025: एग्जिट पोल में NDA को स्पष्ट बढ़त, महागठबंधन पिछड़ा

पटना. बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के दोनों चरणों की वोटिंग पूरी हो चुकी है। पहले चरण में 6 नवंबर को 121 सीटों और दूसरे चरण में 11 नवंबर को 122 सीटों पर मतदान संपन्न हुआ। अब सभी की निगाहें नतीजों पर टिकी हैं, लेकिन दैनिक भास्कर रिपोर्टर्स पोल के मुताबिक इस बार NDA को स्पष्ट बहुमत मिलता दिखाई दे रहा है, जबकि महागठबंधन 73 से 91 सीटों के बीच सिमटता नजर आ रहा है।
प्रशांत किशोर की जन सुराज पार्टी इस चुनाव में पहली बार प्रभावी उपस्थिति दर्ज करा रही है। रिपोर्ट के अनुसार जन सुराज के उम्मीदवार तीन सीटों पर कड़े मुकाबले में हैं और पार्टी का खाता खुलने की संभावना है। वहीं असदुद्दीन ओवैसी की AIMIM केवल एक सीट तक सिमट सकती है। इस बार RJD-कांग्रेस गठबंधन को पिछली बार की तुलना में बड़ा नुकसान होता दिख रहा है। महागठबंधन के डिप्टी सीएम उम्मीदवार मुकेश सहनी की स्थिति भी कमजोर बताई जा रही है।
कई सीटों पर कड़ा मुकाबला और संभावित उलटफेर
लखीसराय सीट पर डिप्टी सीएम विजय सिन्हा, अलीनगर में मैथिली ठाकुर, महुआ में तेजप्रताप यादव, दानापुर में रामकृपाल यादव और तारापुर में सम्राट चौधरी की सीटों पर कांटे की टक्कर बताई जा रही है। इन सीटों पर मामूली अंतर से परिणाम बदल सकते हैं।
रिपोर्टिंग और सर्वे का आधार
भास्कर के 400 से अधिक रिपोर्टर पूरे बिहार में मैदान पर मौजूद रहे। इन रिपोर्टरों से मिले ग्राउंड इनपुट के आधार पर पांच वरिष्ठ पत्रकारों, चार राजनीतिक विश्लेषकों और दो सेफोलॉजिस्ट के साथ विस्तृत चर्चा की गई। साथ ही विभिन्न राजनीतिक दलों के आंतरिक सर्वे का विश्लेषण भी शामिल किया गया, जिसके आधार पर यह अनुमान तैयार किया गया है।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि इस बार बिहार का चुनाव जातीय समीकरणों के बजाय विकास, रोजगार और शिक्षा जैसे मुद्दों पर ज्यादा केंद्रित रहा है, जिससे कई पारंपरिक सीटों पर अप्रत्याशित नतीजे देखने को मिल सकते हैं।
बिहार विधानसभा चुनाव 2025: एग्जिट पोल में NDA को स्पष्ट बढ़त, महागठबंधन पिछड़ा
पटना. बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के दोनों चरणों की वोटिंग पूरी होने के बाद एग्जिट पोल के नतीजे सामने आने लगे हैं। अब तक जारी सभी प्रमुख सर्वेक्षणों में एनडीए गठबंधन को स्पष्ट बहुमत मिलता दिख रहा है, जबकि महागठबंधन पिछड़ता नजर आ रहा है। अधिकतर एजेंसियों ने एनडीए को 130 से ज्यादा सीटें मिलने का अनुमान जताया है, जिससे सरकार गठन का रास्ता साफ होता दिखाई दे रहा है।
MATRIZE-आईएएनएस एग्जिट पोल
इस एग्जिट पोल में एनडीए को 48 फीसदी वोट शेयर के साथ 147 से 167 सीटें मिलने का अनुमान है। महागठबंधन को 37 फीसदी वोट और 70 से 90 सीटें मिल सकती हैं। अन्य दलों को करीब 15 फीसदी वोट मिलने का अनुमान है।
पोलस्ट्रेट एग्जिट पोल
पोलस्ट्रेट के मुताबिक एनडीए को 133 से 148 सीटें मिलने की संभावना है, जबकि महागठबंधन को 100 से 108 सीटें मिल सकती हैं। अन्य दलों के खाते में 3 से 5 सीटें जाने का अनुमान है।
पीपुल पल्स एग्जिट पोल
इस एजेंसी ने एनडीए को 133 से 159 सीटें दी हैं, जबकि महागठबंधन को 75 से 101 सीटों तक सीमित बताया है। अन्य को 2 से 13 सीटें मिलने की संभावना जताई गई है।
पीपल्स इंसाइट एग्जिट पोल
पीपल्स इंसाइट के अनुसार एनडीए को 133 से 148 सीटें और महागठबंधन को 87 से 102 सीटें मिलने का अनुमान है। जन सुराज को 0 से 2 सीटें और अन्य को 3 से 6 सीटें मिल सकती हैं।
जेवीसी एग्जिट पोल
जेवीसी सर्वे में भी एनडीए को बंपर बढ़त मिली है। इसमें एनडीए को 135 से 150 सीटें और महागठबंधन को 88 से 103 सीटें मिलने का अनुमान है। अन्य के खाते में 3 से 6 सीटें जाने की संभावना है।
अब सबकी नजर एक्सिस माय इंडिया और टुडे चाणक्य के एग्जिट पोल पर है, जो 12 नवंबर को शाम 5:30 बजे जारी किए जाएंगे।
2020 के चुनाव में एनडीए की जीत
बिहार विधानसभा चुनाव 2020 में एनडीए ने 125 सीटों के साथ सरकार बनाई थी। तब भाजपा ने 74, जदयू ने 43, वीआईपी ने 4 और हम ने 4 सीटें जीती थीं। महागठबंधन को 110 सीटें मिली थीं, जिसमें राजद के पास 75, कांग्रेस के पास 19 और सीपीआई(एमएल) के पास 12 सीटें थीं।
राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि इस बार भाजपा-जदयू गठबंधन को ग्रामीण इलाकों में बड़ी बढ़त मिली है, जबकि महागठबंधन का वोट शेयर शहरी सीटों पर सिमटा नजर आ रहा है। अब नजरें 12 नवंबर को आने वाले आधिकारिक एग्जिट पोल और 14 नवंबर की मतगणना पर टिकी हैं।
