बागोर में टमाटर की बंपर पैदावार, आधुनिक खेती की ओर बढ़ा कीर समाज

भीलवाड़ा (कैलाश शर्मा)। बागोर कस्बे में इस वर्ष टमाटर की बंपर पैदावार देखने को मिल रही है। क्षेत्र के किसान अब पारंपरिक खेती से आगे बढ़ते हुए पंजाब की तर्ज पर आधुनिक तकनीक से सब्जी उत्पादन करने लगे हैं। इससे न केवल उत्पादन बढ़ा है, बल्कि किसानों की आमदनी में भी इजाफा हो रहा है।
किसान शिव कीर ने बताया कि कीर समाज सदियों से नंदी तालाब के आसपास जीवन यापन करता आ रहा था, लेकिन अब समाज के लोग खेतों में उन्नत तरीके से फसल तैयार कर रहे हैं। किसान भंवर कीर ने बताया कि इस प्रकार की टमाटर की खेती बागोर क्षेत्र में पहली बार की गई है। उन्होंने कहा कि फसल को सहारा देने और संरचना तैयार करने में दस दिन से अधिक समय लगा और खर्च भी ग्रीन हाउस की तरह अधिक आया। ठंड से बचाव के लिए फसल को ग्रीन मैट से ढका गया है तथा तार और रस्सियों के सहारे पौधों को ऊपर की ओर बढ़ाया जा रहा है। इसके लिए जगह-जगह लकड़ी का सपोर्ट लगाया गया, जिसमें पांच से अधिक लोगों की मेहनत लगी।
कीर समाज के प्रतिनिधि बद्रीलाल कीर ने बताया कि एक पौधे पर एक गुच्छे में 15 से लेकर 100 से अधिक टमाटर लग रहे हैं, जो अपने आप में रिकॉर्ड है। उन्होंने कहा कि पहले कीर समाज की पहचान तरबूज, खरबूजा और ककड़ी की खेती से थी, लेकिन अब समाज के लोग हर तरह की सब्जियों की खेती करने लगे हैं। उन्होंने यह भी बताया कि उनके पिता और दादा के समय में भी इतनी अच्छी फसल कभी नहीं देखी गई। वर्तमान में परिवार की चौथी पीढ़ी खेतों में रहकर खेती कर रही है।
किसान लक्ष्मण कीर ने बताया कि इस फसल को तैयार होने में छह महीने से अधिक समय लगता है और इसमें अत्यधिक मेहनत करनी पड़ती है। उन्होंने कहा कि कीर समाज मेहनत करने वाला समाज है और अब आधुनिक खेती को अपनाकर आगे बढ़ रहा है।
बागोर, मेजा और मंगरोप क्षेत्रों में टमाटर के साथ-साथ गोभी सहित अन्य सब्जियों की भी बड़े पैमाने पर बुवाई की जा रही है। यहां का उत्पाद भीलवाड़ा, उदयपुर, बांसवाड़ा सहित आसपास की छोटी मंडियों में बेचा जा रहा है।
इस कार्य में रामचंद्र कीर, रमेश कीर, प्रहलाद कीर, शांति लाल कीर, छितर कीर, भंवर कीर, कैलाश कीर, बद्री कीर, सत्यनारायण देवपुरा, कन्हैया कीर मेजा, बबलू कीर मंगरोप, योगेश कीर मंगरोप सहित अनेक किसान सक्रिय रूप से जुड़े हुए हैं।
