यज्ञ हवन से पर्यावरण शुद्ध होता है

यज्ञ हवन से पर्यावरण शुद्ध होता है

आकोला (रमेश चंद्र डाड) भारतीय सभ्यता और संस्कृति समृद्ध है। हमारी प्राचीन सभ्यता विश्व के लिए प्रेरणादायक है। यज्ञ हवन से पर्यावरण शुद्ध होता है। यह विचार बरुन्दनी से तीन किमी दूर स्थित बिलोड गांव में बली का मंड देवनारायण भगवान के यहां मूर्ति प्रतिष्ठा एवं कलश स्थापना के लिए पंच दिवसीय पंच कुंडात्मक श्री हरि महायज्ञ के अंतर्गत सोमवार को विद्वान पण्डित रतन लाल शर्मा ने प्रकट किए।

सोमवार को आवाहित देवताओं का पूजन, हवन ,जलाधिवास कर्म किया गया। मंगलवार को पूजन हवन और मूर्तियों का अन्नाधिवास कर्म होगा। बुधवार को पूजन हवन और मूर्तियों का सहस्त्रधारा महाअभिषेक किया जाएगा। रात्रि में सत्संग होगा । गुरुवार को मूर्ति प्रतिष्ठा व कलश स्थापना की जाएगी। महाप्रसादी 2 बजे बाद होगी। गुरुवार रात्रि 9 बजे माधु गुर्जर बंक्यारानी की ओर से बगड़ावत सुनाई जाएगी।

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