स्टॉप डायरिया अभियान में आशा बहनें हर-घर तक वितरित करेंगी ओआरएस पैकेट व जिंक की गोलियां

स्टॉप डायरिया अभियान में आशा बहनें हर-घर तक वितरित करेंगी ओआरएस पैकेट व जिंक की गोलियां
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भीलवाड़ा। राज्य सरकार द्वारा पांच वर्ष से कम आयु के बच्चों को दस्त जैसी घातक बीमारी से बचाने के लिए स्टॉप डायरिया अभियान 2025 का आयोजन 1 जुलाई से 15 अगस्त तक किया जाएगा। इस महत्त्वपूर्ण जनस्वास्थ्य पहल के सफल क्रियान्वयन हेतु शुक्रवार को राज्य स्तर से वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से सभी चिकित्सा अधिकारियों और कार्मिकों का आमुखीकरण किया गया, जिसमें आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान कर ओआरएस व जिंक कॉर्नर स्थापित करने के निर्देश चिकित्सा अधिकारियों को दिये।

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. सी.पी. गोस्वामी ने यह जानकारी देते हुए बताया कि इस वर्ष अभियान की थीम “डायरिया की रोकथाम, सफाई और ओआरएस से रखें अपना ध्यान“ रखी गई है। यह थीम स्वच्छता, सतर्कता और समय पर उचित उपचार की जागरूकता को जन-जन तक पहुँचाने पर केंद्रित है। अभियान के तहत जिलेभर की आशा सहयोगिनियाँ घर-घर जाकर पांच वर्ष से छोटे बच्चों को दो ओआरएस पैकेट और 14 दिन की जिंक की खुराक निःशुल्क वितरित करेंगी। साथ ही बच्चों के अभिभावकों को ओआरएस घोल बनाने की विधि और जिंक गोली के सही सेवन की जानकारी भी दी जाएगी, ताकि परिवार स्वयं भी उपचार की प्रारंभिक जानकारी रख सकें।

जिला स्तर वीसी में अति. सीएमएचओ डॉ. रामकेश गुर्जर, डिप्टी सीएमएचओ डॉ. प्रवीण झरवाल, डीडीडब्ल्यूएच डॉ. अशोक खटवानी, जिला आरसीएच अधिकारी डॉ. संजीव शर्मा, डीटीओ डॉ. प्रदीप कटारिया सहित सीएमएचओ कार्यालय के समस्त अनुभाग अधिकारियों व कार्मिकों ने भाग लिया।

सीएमएचओ डॉ. गोस्वामी ने बताया कि जिले के प्रत्येक चिकित्सा संस्थान, उप स्वास्थ्य केंद्र, एचडब्ल्यूसी और आंगनबाड़ी केंद्रों पर ओआरएस व जिंक कॉर्नर स्थापित किए जाएंगे। इन केंद्रों पर उपचार संबंधी एबीसी प्लान, आईईसी सामग्री और लाइव डेमो के माध्यम से समुदाय को जागरूक किया जाएगा।

अभियान से पूर्व आशा कार्यकर्ताओं को प्रभावी प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है, ताकि वे अपने क्षेत्र में अधिक प्रभावशाली कार्य कर सकें। साथ ही, आईईसी गतिविधियों, पोस्टर-बैनर, रैलियों और जनसंपर्क माध्यमों से जनजागरूकता को और अधिक प्रभावशाली बनाया जाएगा।

स्वास्थ्य विभाग ने सभी संबंधित विभागों, संस्थाओं और नागरिकों से इस अभियान में सक्रिय सहभागिता निभाकर राज्य को दस्त से होने वाली बाल मृत्यु से मुक्त करने की साझा जिम्मेदारी निभाने की अपील की हैं।

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