भारी बारिश से तिलस्वा में बाढ़ जैसे हालात, नालों में उफान से रास्ते बंद; शहर में हल्की बूंदाबांदी, मंगलवार को भी स्कूल रहेंगे बंद
भीलवाड़ा जिले में सोमवार को हुई मूसलधार बारिश के चलते कई क्षेत्रों में हालात बिगड़ गए। तिलस्वा गांव में नालों और नदी में अचानक आई तेजी से बाढ़ जैसे हालात बन गए। गांव के अंदर पानी भरने से रास्ते अवरुद्ध हो गए, और कई जगहों पर सड़कें जलमग्न हो गईं। ग्रामीण क्षेत्रों में हालत यह रही कि सड़कों पर नावें चलने जैसी स्थिति बन गई। स्थानीय प्रशासन द्वारा अलर्ट जारी करते हुए मंगलवार को भी जिले के सभी स्कूलों में अवकाश घोषित किया गया है।
गांवों में हालात गंभीर, संपर्क टूटा
तिलस्वा और आसपास के गांवों में तेज बारिश के कारण खेतों और गलियों में पानी भर गया है। निचले इलाकों में मकानों में पानी घुसने की घटनाएं भी सामने आई हैं। ग्रामीणों को ऊंचे स्थानों पर शिफ्ट किया गया, वहीं प्रशासन की टीमें मौके पर तैनात हैं। नदी-नालों पर बने कई अस्थाई पुलों और संपर्क मार्गों पर आवागमन बंद कर दिया गया है।
एरू नदी पर बनी पुलिया पर लगभग आठ फीट ऊंचाई तक पानी बह रहा है, जिससे तिलस्वा गांव का संपर्क अन्य गांवों और कस्बों से पूरी तरह कट गया है। बिजौलिया क्षेत्र में सोमवार सुबह तक 136 मिमी (5.35 इंच) बारिश रिकॉर्ड की गई है, जो बीते 15 घंटे से लगातार जारी है। इससे न केवल ग्रामीणों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है, बल्कि क्षेत्र की फसलें और यातायात व्यवस्था भी बुरी तरह प्रभावित हुई है।
गंभीर हालात को देखते हुए प्रशासन ने रात 3 बजे से राहत और बचाव कार्य शुरू कर दिया। तहसीलदार ललित डिडवानिया, कांस्या चैकी प्रभारी नरेश सुखवाल और सिविल डिफेंस की टीम मौके पर पहुंची और स्थिति का जायजा लिया। तिलस्वा तीर्थ में फंसे श्रद्धालुओं को सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट किया गया है। प्रशासन ने जल स्तर पर सतत निगरानी रखते हुए लोगों से अपील की है कि वे अनावश्यक रूप से घरों से बाहर न निकलें। तिलस्वा तीर्थ मंदिर परिसर में भारी मात्रा में पानी भर गया है, जिससे मंदिर के मुख्य द्वार तक पहुंचने वाला मार्ग जलमग्न हो गया है। श्रद्धालुओं को मंदिर के भीतर ही फंसे रहना पड़ा और बाद में उन्हें सिविल डिफेंस टीम द्वारा सुरक्षित बाहर निकाला गया। मंदिर के आसपास की गलियों, दुकानों और आवासीय मकानों में पानी भरने से स्थानीय निवासियों की दिनचर्या पूरी तरह से बाधित हो गई है।
बिजौलिया कस्बे की छाई पुलिया और केसरगंज पुलिया पर पानी का तेज बहाव जारी है। इससे आवागमन पूरी तरह बंद हो गया है। कई स्थानों पर वाहन फंसे हुए दिखाई दे रहे हैं। क्षेत्र के किसानों के खेतों में भी पानी भरने से फसलों को भारी नुकसान हुआ है। इससे ग्रामीणों में चिंता का माहौल है। उपखंड और तहसील प्रशासन ने ग्रामीणों से अपील की है कि वे अपनी सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए घरों के भीतर ही रहें और किसी भी आपात स्थिति में प्रशासन से संपर्क करें। राहत कार्यों के तहत प्रभावित लोगों को भोजन और रहने की अस्थायी व्यवस्था की जा रही है।
एरू नदी के ऊफान और लगातार बारिश के कारण जलस्तर में लगातार वृद्धि हो रही है। विशेषज्ञों की मानें तो यदि बारिश का यही क्रम जारी रहा तो स्थिति और अधिक भयावह हो सकती है। प्रशासन ने जल निकासी के लिए पंप और अन्य उपकरणों को तैनात कर दिया है और जलभराव वाले इलाकों में रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है। तिलस्वा के हालात फिलहाल चिंताजनक बने हुए हैं, लेकिन प्रशासन की मुस्तैदी से राहत की उम्मीद की जा रही है। लोगों को सुरक्षित रखने के हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं।
शहर में राहत, लेकिन अलर्ट जारी
वहीं दूसरी ओर भीलवाड़ा शहर सोमवार को भारी बारिश से अछूता रहा। दिनभर हल्की फुहारें पड़ीं, जिससे उमस से राहत तो मिली लेकिन जलभराव जैसी स्थिति नहीं बनी। हालांकि सोमवार देर रात से बूंदाबांदी का दौर एक बार फिर शुरू हो गया है, जिससे मंगलवार को भारी बारिश की चेतावनी पर लोगों की निगाहें टिकी हुई हैं।
प्रशासन अलर्ट मोड पर
मौसम विभाग द्वारा जिले में अगले 24 घंटे के लिए भारी बारिश की चेतावनी दी गई है। जिला प्रशासन ने आपदा प्रबंधन टीमों को सक्रिय कर दिया है। निचले इलाकों में सतर्कता बरतने और अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की गई है। जलभराव वाले क्षेत्रों में विशेष निगरानी रखी जा रही है।
स्कूलों में मंगलवार को छुट्टी
तेज बारिश की आशंका और कई क्षेत्रों में जलभराव की स्थिति को देखते हुए जिला कलेक्टर ने 29 जुलाई, मंगलवार को सभी सरकारी और निजी स्कूलों में छुट्टी घोषित कर दी है। इससे पहले भी सोमवार को भारी बारिश की चेतावनी के चलते शिक्षण संस्थान बंद रखे गए थे।
निष्कर्ष:
भीलवाड़ा जिले में मानसून अब रौद्र रूप लेने लगा है। ग्रामीण क्षेत्रों में जहां बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं, वहीं शहर में भी अब धीरे-धीरे बारिश का असर दिखने लगा है। प्रशासन और नागरिकों के लिए आगामी 24 घंटे बेहद अहम हैं। सभी को सावधानी बरतने और प्रशासन के निर्देशों का पालन करने की अपील की गई है।
पुल टूटा तो अलगोजा बजाकर नाचे ग्रामीण
भीलवाड़ा में पुल टूटा तो गांव वालों ने अनोखा विरोध प्रदर्शन किया। बहते पानी में वे अलगोजा बजाकर नाचने लगे। जिले के काछोला थाना इलाके के कटारिया खेड़ा उमेदपुरा गांवों और खजुरिया के बीच का पुल कुछ महीने पहले बना था।
विरोध कर रहे लोगों ने बताया- इस बारिश में पुल टूट चुका है। काछोला से खेड़ा के बच्चे- बच्ची उम्मेदपुरा स्कूल में पढ़ने आते हैं। हल्की बारिश में परेशानी के बाद उनका आना-जाना बिल्कुल बंद हो जाता है। कोई भी हालात जैसे डिलीवरी है या बीमार आदमी है, कटारिया खेड़ा उमेदपुरा गांव में नहीं जा पाता।
काछोला जाने का मेन रास्ता यही है। इसी रास्ते से जाया जाता है। यह रास्ता पूरा टूट चुका है। जनता परेशान है सरकार से निवेदन है कि इस पुल की जांच करें, क्या कमी रही किस कारण से पुल टूटा है इसका पता लगाया जाए।
