'ग्राम रक्षक' बनेंगे ग्रामीण सुरक्षा के प्रहरी, जानें कैसे

भीलवाड़ा :राजस्थान पुलिस ने ग्रामीण इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने और समुदाय की भागीदारी को प्रोत्साहित करने के लिए ‘ग्राम रक्षक योजना’ की शुरुआत की है। इस योजना के अंतर्गत चयनित ग्रामीण स्वयंसेवक अपने गांव में ही पुलिस के सहायक के रूप में कार्य करेंगे।
📌 योजना की प्रमुख बातें:
कार्यान्वयन अवधि: 2 वर्ष
भूमिका:
अपराध की रोकथाम में सहयोग
सामाजिक समरसता को बढ़ावा
कानून-व्यवस्था बनाए रखने में स्थानीय पुलिस को सहयोग
कानूनी आधार:
राजस्थान पुलिस अधिनियम, 2007 एवं संशोधित अध्यादेश 2020 के तहत लागू
🗣️ पुलिस अधीक्षक पंकज चौधरी (नोडल अधिकारी - कम्यूनिटी पुलिसिंग) का बयान:
“इस योजना का उद्देश्य ग्रामीण युवाओं को सुरक्षा तंत्र से जोड़ना है, ताकि पुलिस और जनता के बीच बेहतर समन्वय स्थापित हो सके।”
✅ पात्रता मानदंड:
मानदंड विवरण
शैक्षणिक योग्यता न्यूनतम 8वीं पास
आयु सीमा 40 से 55 वर्ष
निवास उसी गांव का स्थायी निवासी होना अनिवार्य है
📝 आवेदन प्रक्रिया:
फॉर्म कहां से लें? अपने स्थानीय पुलिस थाने से
जमा करने की अंतिम तिथि: 15 अगस्त 2025
अधिक जानकारी के लिए:
राजस्थान पुलिस की वेबसाइट
🎯 उद्देश्य:
ग्रामीणों की सक्रिय भागीदारी से अपराध नियंत्रण
सामुदायिक पुलिसिंग को जमीनी स्तर पर मजबूत करना
पुलिस और ग्रामीणों के बीच विश्वास का सेतु बनाना
यह योजना न केवल ग्रामीणों को आत्मनिर्भर और जागरूक बनाएगी, बल्कि पुलिस व्यवस्था में स्थानीय भागीदारी से गांवों को अधिक सुरक्षित भी बनाएगी
