उप मुख्यमंत्री प्रेमचन्द्र बैरवा का भीलवाड़ा दौरा: अतिवृष्टि से नुकसान का आकलन, कोचिंग बिल पर जोर

भीलवाड़ा राजस्थान के उप मुख्यमंत्री प्रेमचन्द्र बैरवा रविवार को एक दिवसीय दौरे पर भीलवाड़ा पहुंचे। उन्होंने कहा कि राज्य में इस वर्ष इंद्रदेव की मेहरबानी से अच्छी बारिश हुई, लेकिन अतिवृष्टि के कारण मकानों को नुकसान, जनहानि और पशुधन की हानि हुई। मुख्यमंत्री ने प्रभारी मंत्रियों को जिलों में नुकसान की रिपोर्ट तैयार करने के लिए निर्देशित किया है, और सरकार इसका आकलन कर प्रभावितों को राहत प्रदान करेगी।
कोचिंग बिल पर चर्चा
मीडिया से बातचीत में बैरवा ने कोचिंग बिल पर जोर देते हुए कहा कि प्रदेश में कोचिंग संस्थानों के दबाव के कारण बच्चे अवसाद में आकर आत्महत्या कर रहे थे। इसे रोकने के लिए सरकार ने कोचिंग बिल लागू किया है। इस बिल के तहत 100 से अधिक बच्चों वाले कोचिंग संस्थानों को रजिस्ट्रेशन कराना अनिवार्य होगा। साथ ही, शिकायतों के लिए 24 घंटे टोल-फ्री नंबर उपलब्ध रहेगा। उन्होंने माता-पिता से अपील की कि वे बच्चों पर पढ़ाई का दबाव न डालें और उनकी क्षमता के अनुसार पढ़ाई करवाएँ। बैरवा ने कहा, “हर बच्चे की अपनी स्किल होती है। कोचिंग और पारिवारिक दबाव से बच्चों को बचाने के लिए यह बिल लाया गया है।”
फसल खराबे पर आकलन
बैरवा ने कलेक्ट्रेट सभागार में जिला स्तरीय बैठक में अतिवृष्टि से हुए फसल खराबे के नुकसान और सरकारी योजनाओं पर चर्चा की। उन्होंने अधिकारियों को नुकसान का सटीक आकलन कर रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश दिए।
अविश्वास प्रस्ताव पर प्रतिक्रिया
कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा द्वारा विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव की बात पर बैरवा ने कहा, “अध्यक्ष का पद संवैधानिक है। सभी को इसका सम्मान करना चाहिए। ऐसी बातें राज्य के उत्थान के लिए सही नहीं हैं।”
