राजेन्द्र मार्ग विद्यालय में मेगा पी.टी.एम. का आयोजन

राजेन्द्र मार्ग विद्यालय में मेगा पी.टी.एम. का आयोजन
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भीलवाड़ा । राजस्थान सरकार की स्कूल शिक्षा विभाग की महत्वकांक्षी योजना प्रखर- 2 एवं मेगा पी.टी.एम. का सफलता पूर्वक भव्य आयोजन स्थानीय विद्यालय में किया गया। इसमें शिक्षक विद्यार्थी एवं अभिभावकों के साथ विभिन्न गतिविधियां आयोजित की गई।

प्रधानाचार्य राजेन्द्र सिंह गहलोत ने अभिभावकों से संवाद करते हुए बताया कि प्रत्येक विद्यार्थी को उसकी शैक्षिक एवं सहशैक्षिक प्रगति से अवगत कराते हुए उसके नैतिक मूल्य व विकास, उसमें निहित्त संस्कार, सदाचरण, घर पर व्यतीत समय का सदूपयोग, उसकी संगति, रूचियों, अभिवृत्तियों पर ध्यान देकर उसका सर्वांगीण विकास किया जा सकता है। विद्यालय, परिवार एवं समाज उसके व्यक्तित्व विकास के निर्धारक तत्व होते है, जिन पर हमें विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है।

मेगा पीटीएम के आयोजन के लिए विद्यालय प्रशासन ने पीटीएम प्रभारी अंकिता उपाध्याय को बनाते हुए सोशल मिडिया का भरपुर उपयोग किया एवं वाट्सएप व मैसेज द्वारा सभी अभिभावकों को सूचना दी गई, प्रार्थना सभा में भरपुर प्रचार-प्रसार किया गया, जिस कारण लगभग 1356 अभिभावक इस मेगा पीटीएम में आए। कक्षाध्यापकों ने प्रथम व द्वितीय परख के अंक बताए। कक्षा में उपस्थिति, कक्षा-कक्ष व्यवहार, गृहकार्य, अनुशासन, सहशैक्षिक गतिविधियों में उसकी सहभागिता एवं उसकी सृजनशीलता, नेतृत्व क्षमता से अवगत कराया। अभिभावकों से उसके घर पर व्यवहार, अध्ययन का समय एवं रूचियों के बारे में जानकारी प्राप्त की।

सरदार वल्लभ भाई पटेल की जयन्ति, मेगा पीटीएम समारोह के मुख्य अतिथि पर्यावरणविद् विनोद मेलाणा व अध्यक्ष सुभाष बाहेती थे। विनोद मेलाणा ने जीवन में मितव्ययीता का समावेश करने, दैनिक जीवन में राष्ट्र विकास में सहयोग करने के विभिन्न तरिकों, पर्यावरण संरक्षण करने, प्लास्टिक-पौलिथिन का उपयोग नहीं करने का संकल्प दिलाते हुए सरदार वल्लभ भाई पटेल के राष्ट्र के एकीकरण के प्रयासों की बहूत सराहना करते हुए उनके जीवन से राष्ट्र भक्ति सीखने की सीख दी।

प्राध्यापक (इतिहास) भागचन्द जैन ने बताया कि 1947 में हमारे देश में स्वतन्त्रता के पश्चात् राष्ट्रीय एकीकरण बहुत कठिन कार्य था। ब्रिटिश भारत एवं देशी रियासतो के राजा-रजवाड़ों के अपने-अपने स्वार्थ थे लेकिन सरदार वल्लभ भाई पटेल ने अपने सूझ-बुझ, योग्यता, अपनी प्रखर बुद्धिमता से 562 रियासतों का विलय भारत में करवाकर भारत का भौगोलिक स्वरूप प्रस्तुत किया। यही कारण है कि भारत आज विश्वगुरू के पद पर सुशोभित होता जा रहा है। आभार प्रदर्शन राजेश कुमार शर्मा ने किया। इस कायक्रम में भैरूलाल नायक व विक्रम कुमार चैधरी का विशेष सहयोग रहा। कार्यक्रम का संचालन दिनेश कुमार शर्मा ने किया।

अभिभावकों ने विद्यालय प्रशासन की भूरि-भूरि प्रशंसा करते हुए बताया कि जब भी हम विद्यालय में आते हैं, पूर्ण शान्ति होती है। लगभग 3000 विद्यार्थियों वाले विद्यालय में शिक्षण के दौरान कोई भी आवाज सुनाई नहीं देती है। विद्यालय की शैक्षणिक उपलब्धियां, खेलकूद, वाद-विवाद व अन्य प्रतियोगिताओं में राज्य एवं राष्ट्रीय स्तर पर विद्यार्थियों का चयन यहां के उत्कृष्ट प्रबन्धन की ही देन है। प्रायोगिक कक्षाओं में विद्यार्थी बहुत रूचि लेकर विषय वस्तुओं को सरलता से गृहण कर लेते है।

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