राजेन्द्र मार्ग स्कूल में बिरसा मुंडा जयन्ति का आयोजन

राजेन्द्र मार्ग स्कूल में बिरसा मुंडा जयन्ति का आयोजन
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भीलवाड़ा। राजेन्द्र मार्ग स्कूल में भारतीय आदिवासी स्वतन्त्रता कार्यकत्र्ता और लोक नायक श्री बीरसा मुंडा की जयन्ति का आयोजन किया गया। प्रार्थना सभा में व्याख्याता राजेश कुमार शर्मा ने बताया कि वीरसा मुंडा का जन्म 15 नवम्बर 1875 को हुआ था, उन्होंने अपना सम्पूर्ण जीवन आदिवासियों के उत्थान के लिए अंग्रेजो से संघर्ष करते हुए गुजारा। उन्होंने जल, जमीन व जंगल के बचाव के लिए बहुत प्रयत्न किए। अंग्रेज जंगलो को समाप्त करके अपने व्यापारिक हितों की पूर्ति करना चाहते थे। उस समय बिरसा मुंडा ही ऐसा व्यक्तित्व हुआ जिसने आदिवासियों में जनजागृति करते हुए एकता का सुत्रपात किया तथा अपनी संस्कृति व जंगलों को बचाया। उनको लोग धरती आबा के नाम से पूजते है। अन्त में उनको आदिवासी समाज ने भगवान मानते हुए उनकी प्रतिष्ठा की।

प्रधानाचार्य राजेन्द्र सिंह गहलोत ने अपने उद्बोधन में बताया कि राष्ट्र पुरूष, जो इतिहास के पृष्ठों से गायब हो चुके है, उनको जनमानस में पुनः स्थापित करते हुए उनके कार्यों को सम्मान एवं मान्यता देने के लिए भारत सरकार ने अनेक योजनाएं प्रारम्भ की है, उसमें बिरसा मुंडा पखवाड़ा भी सम्पूर्ण भारतवर्ष में मनाया जा रहा हैं। बिरसा मुंडा आदिवासियों के मसीहा थे, मात्र 25 वर्ष की उम्र में उन्होंने क्रान्ति की वह ज्वाला फूंकी, जिसने आदिवासियों के जीवन को झकझोंर दिया तथा अपनी स्वतन्त्रता के लिए मर-मिटने के लिए तत्पर हुए। उनका जन्म रांची (झारखण्ड) के जंगलों में हुआ था। परन्तु उनके कार्य की महक सम्पूर्ण देश में व्याप्त है। इस अवसर पर आज विद्यालय में निबन्ध, भाषण व चित्रकला प्रतियोगिता का आयोजन भी किया गया।

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