'राम के नाम से मर्यादा भंग होने की बात कहना सनातन का अपमान' - कालू लाल गुर्जर का कांग्रेस पर पलटवार

भीलवाड़ा हलचल: भाजपा नेता और पूर्व मंत्री कालू लाल गुर्जर ने कांग्रेस देहात जिला अध्यक्ष के उस बयान पर कड़ा ऐतराज जताया है, जिसमें उन्होंने नरेगा कार्यों में भगवान राम का नाम जोड़ने को 'मर्यादा भंग' होने का कारण बताया था। गुर्जर ने एक प्रेस नोट जारी कर इसे दुर्भाग्यपूर्ण और आपत्तिजनक करार दिया है।
कालू लाल गुर्जर ने अपने बयान में निम्नलिखित प्रमुख बिंदु उठाए हैं:
* मर्यादा पुरुषोत्तम हैं श्रीराम: गुर्जर ने स्पष्ट किया कि भगवान राम स्वयं मर्यादा के सर्वोच्च प्रतीक हैं, इसीलिए उन्हें 'मर्यादा पुरुषोत्तम' कहा जाता है। जिनका जीवन सत्य, धर्म और कर्तव्य का उदाहरण हो, उनके नाम से मर्यादा भंग होने की बात कहना तथ्यहीन है और सनातन आस्था का अपमान है।
* नाम पर उठाया सवाल: कांग्रेस देहात अध्यक्ष पर तंज कसते हुए पूर्व मंत्री ने कहा कि जब अध्यक्ष जी के स्वयं के नाम में "राम" शब्द जुड़ा है, तो क्या इससे उनकी मर्यादा भंग होती है? उन्होंने पूछा कि भगवान राम के नाम पर ऐसी टिप्पणी किस मानसिकता को दर्शाती है, यह जनता भली-भांति समझती है।
* राजनीति से ऊपर हैं राम: गुर्जर ने जोर देकर कहा कि भगवान राम किसी एक दल या वर्ग के नहीं, बल्कि संपूर्ण भारतवर्ष की संस्कृति और संस्कारों के आधार हैं। उनके नाम को राजनीतिक बयानबाजी का विषय बनाना निंदनीय है
पूर्व मंत्री ने सभी नेताओं को नसीहत देते हुए कहा कि ऐसे संवेदनशील बयानों से बचना चाहिए और समाज में सौहार्द व श्रद्धा बनाए रखने का प्रयास करना चाहिए।
