राष्ट्रीय बालिका दिवस पर भीलवाड़ा में जागरूकता कार्यक्रम, संरक्षण और सशक्तिकरण का गूंजा संदेश

राष्ट्रीय बालिका दिवस पर भीलवाड़ा में जागरूकता कार्यक्रम, संरक्षण और सशक्तिकरण का गूंजा संदेश
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भीलवाड़ा, । राष्ट्रीय बालिका दिवस के अवसर पर जिले में बालिकाओं के संरक्षण और सशक्तिकरण का संदेश गूंजा। राजकीय जिला चिकित्सालय स्थित महिला स्वास्थ्य प्रशिक्षण केन्द्र में आयोजित जिला स्तरीय कार्यक्रम में बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान को लेकर जागरूकता फैलाने पर विशेष जोर दिया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य समाज में बेटियों के प्रति सकारात्मक सोच विकसित करना और कन्या भ्रूण जांच जैसी सामाजिक कुरीति के खिलाफ लोगों को जागरूक करना रहा।

कार्यक्रम में शहर विधायक अशोक कोठारी ने कहा कि बेटियां परिवार और समाज की नींव होती हैं तथा देश के भविष्य का निर्माण भी उन्हीं के हाथों में है। उन्होंने कहा कि बेटियों को सम्मान और शिक्षा मिलेगी तभी सुरक्षित और सशक्त समाज की स्थापना संभव है। इसके लिए बालिकाओं के स्वास्थ्य, पोषण और पढ़ाई पर बराबर ध्यान देना जरूरी है। विधायक ने राज्य सरकार की ओर से बालिकाओं के हित में संचालित योजनाओं की जानकारी दी और मंच पर मौजूद अधिकारियों तथा नर्सिंग छात्राओं को गर्भ में भ्रूण लिंग जांच न कराने की शपथ दिलाई।

कार्यक्रम के दौरान छात्राओं के बीच रंगोली, पोस्टर और कविता पाठ प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। इनमें उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली बालिकाओं को विधायक कोठारी ने पुरस्कार देकर सम्मानित किया और आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया।

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. संजीव कुमार शर्मा ने बताया कि इस कार्यशाला का उद्देश्य बालिकाओं के जन्म को प्रोत्साहन देना, उनके बेहतर पालन पोषण पर जोर देना और उन्हें समान अवसर प्रदान कर आत्मनिर्भर नागरिक बनाना है। उन्होंने राज्य में चल रही स्वास्थ्य सेवाओं की जानकारी देते हुए स्वच्छता और एनीमिया नियंत्रण को भी जरूरी बताया। उन्होंने कहा कि कन्या भ्रूण हत्या एक गंभीर अपराध है और इस पर सख्ती से रोक लगाना आवश्यक है। डॉ. शर्मा ने बताया कि लिंग परीक्षण या कन्या भ्रूण हत्या की सूचना देने पर मुखबिर योजना के तहत राज्य सरकार तीन लाख रुपये तक का पुरस्कार देती है। साथ ही पीसीपीएनडीटी अधिनियम 1994 के तहत दंडनीय प्रावधानों, घरेलू हिंसा, बाल विवाह और दहेज प्रथा से जुड़ी जानकारियां भी साझा की गईं।

कार्यक्रम में जनप्रतिनिधि अर्पित कोठारी, संजय, दिनेश और पृथ्वीराज सहित प्रशासनिक अधिकारी आशीष पंचोली, डीपीसी पीसीपीएनडीटी रामस्वरूप सेन, डीपीसी तरुण चाष्टा, डीपीसी मां योजना प्रदीप दाधीच, नर्सिंग प्रशिक्षण केन्द्र से अरुण पुरोहित, चिकित्सा विभाग के अधिकारी और नर्सिंग छात्राएं मौजूद रहीं।

बेटियों को बचाने और उन्हें शिक्षित करने का संदेश लेकर आयोजित यह कार्यक्रम जिले में सामाजिक जागरूकता की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।

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