राष्ट्रीय बालिका दिवस: बालिकाओं के अधिकार, शिक्षा और सशक्तिकरण का बुलंद संदेश

राष्ट्रीय बालिका दिवस: बालिकाओं के अधिकार, शिक्षा और सशक्तिकरण का बुलंद संदेश
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भीलवाड़ा। राष्ट्रीय बालिका दिवस के अवसर पर जिले में बालिकाओं के अधिकारों, सुरक्षा और सशक्तिकरण को लेकर जागरूकता का सशक्त संदेश दिया गया। इस दिन का मुख्य उद्देश्य समाज में बालिकाओं को समान अधिकार, सुरक्षित वातावरण और आगे बढ़ने के समान अवसर प्रदान करने के लिए जनचेतना विकसित करना है, ताकि वे राष्ट्र निर्माण में अपनी अहम भूमिका निभा सकें।

बाल विवाह रोकने की दिलाई गई शपथ

बाल अधिकारिता विभाग एवं जिला बाल संरक्षण इकाई के सहायक निदेशक धर्मराज प्रतिहार के निर्देशानुसार पुलिस लाइन परिसर, भीलवाड़ा में विभिन्न विद्यालयों से आए बालक-बालिकाओं को बाल विवाह रोकथाम की शपथ दिलाई गई। बच्चों को बताया गया कि बाल विवाह न केवल कानूनन अपराध है, बल्कि यह बालिकाओं के भविष्य, स्वास्थ्य और शिक्षा के लिए भी गंभीर खतरा है।

बालिकाओं के साथ खेल गतिविधियां, आत्मविश्वास को मिला पंख

इस अवसर पर देवनारायण आवासीय बालिका छात्रावास में बालिकाओं के लिए विभिन्न खेल गतिविधियों का आयोजन किया गया। खेलों के माध्यम से बालिकाओं में आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता और प्रतिस्पर्धात्मक भावना को प्रोत्साहित किया गया। कार्यक्रम के दौरान बालिकाओं को बाल अधिकार, बालिका शिक्षा और बाल विवाह रोकथाम जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर जागरूक किया गया।

विशेषज्ञों ने दी कानूनी व सामाजिक जानकारी

कार्यक्रम में जिला बाल संरक्षण इकाई की संरक्षण अधिकारी अनुराधा तोलंबिया, चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 के हेमन्त सिंह सिसोदिया, सुपरवाइजर राधेश्याम गुर्जर और केस वर्कर सुमन साहू ने बालिकाओं को उनके अधिकारों, सरकारी योजनाओं और सहायता सेवाओं की विस्तृत जानकारी दी। बालिकाओं को बताया गया कि किसी भी संकट की स्थिति में वे 1098 चाइल्ड हेल्पलाइन पर संपर्क कर सकती हैं।

विजेता बालिकाओं का सम्मान, बढ़ाया हौसला

कार्यक्रम के समापन पर विद्यालय प्रधानाचार्य श्री मानाराम गुर्जर द्वारा खेल गतिविधियों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली बालिकाओं

कविता मीणा, मोनिका बंजारा, रिंकु गुर्जर, निशा बंजारा, अंजु गुर्जर और तारा खटीक

को पुरस्कार प्रदान कर सम्मानित किया गया। सम्मान पाकर बालिकाओं के चेहरे खुशी से खिल उठे।

बालिकाओं को सशक्त बनाना ही सशक्त समाज की नींव

राष्ट्रीय बालिका दिवस पर आयोजित यह कार्यक्रम समाज को यह स्पष्ट संदेश देता है कि जब तक बालिकाएं शिक्षित, सुरक्षित और आत्मनिर्भर नहीं होंगी, तब तक समाज और राष्ट्र का पूर्ण विकास संभव नहीं है। बालिकाओं को अधिकार देना, उन्हें अवसर देना और उनका सम्मान करना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।

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