भामाशाहो की प्रत्येक क्षेत्र मे कोई कमी नही है बस उन्हे प्रेरित करने वाला चाहिए--राठौड़

भगवानपुरा ( कैलाश शर्मा ) आज के युग में विद्यालय हो या धार्मिक स्थल हो या कोई भी सामाजिक क्षेत्र हो भामाशाहो की कोई कमी नही है। और तो और भामाशाह कही कही तो दिल खोलकर दान दे देते है मगर उनका देना जब सार्थक होता है कि वह दिया हुआ धन या वस्तु सही व्यक्ति या सही स्थान पर पात्र व्यक्ति या यो कहे कि जरूरत मंद व्यक्ति तक पहुंचे या स्थान पर लगे , तब देने वाले का उद्देश्य पूर्ण होता है और भामाशाहो को प्रेरित करने वाला भी बधाई का पात्र होता है उक्त विचार 77वें गणतंत्र दिवस के राष्ट्रीय पर्व के अवसर पर राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय आलमास में प्रधानाचार्य भीमसिह राठौड ने व्यक्त किये उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय पर्व के मौके पर इस प्रकार की घोषणाए करना और उन्हे क्रियान्वित करना पुनीत कार्य है। राठौड़ ने बताया कि गणतंत्र दिवस पर विद्यालय के भामाशाह कालूराम कुमावत निवासी आलमास का खेड़ा द्वारा विद्यालय के समस्त छात्र-छात्राओं को जर्सिया (लगभग ₹60000 राशि )का वितरण किया गया व 21000 रुपए विद्यालय विकास हेतु नकद प्रदान किए गए। इसी प्रकार
भामाशाह नारायण लाल कुमावत द्वारा सभी छात्र-छात्राओं को भोजन करवाया गया।
विद्यालय परिवार द्वारा भामाशाहों का माल्यार्पण व साफा बंधवाकर स्वागत किया गया। गणतंत्र दिवस पर विद्यालय के छात्र छात्राओ ने सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किये । कार्यक्रम का संचालन प्रकाश चन्द्र खटीक ने किया व आभार जगदीश चन्द्र जोशी अध्यापक ने किया । विद्यालय के वरिष्ठ अध्यापक रमेश चन्द्र बलाई का भारत विकास परिषद मे सचिव पद पर रहते हुए राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी योजना हरियालो राजस्थान एवं एक पेड़ मां के नाम पर 676 पौधे एवं 20 शीड बॉल माण्डल तालाब मे फेकने के प्रयोग करने पर गणतंत्र दिवस पर उपखण्ड अधिकारी द्वारा ब्लॉक स्तर पर सम्मानित किया गया।
