जिला जज, सीजेएम और विधिक सेवा प्राधिकरण ने किया कारागृह का औचक निरीक्षण

भीलवाड़ा। राजस्थान उच्च न्यायालय जयपुर बेंच के आदेश की अनुपालना में शुक्रवार को भीलवाड़ा जिला कारागृह में न्यायिक अधिकारियों की त्रिस्तरीय टीम ने अचानक पहुंचकर व्यवस्थाओं की गहन पड़ताल की। जिला एवं सत्र न्यायाधीश अभय जैन, सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण विशाल भार्गव तथा मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट नगेंद्र सिंह ने जेल परिसर का बारीकी से निरीक्षण करते हुए कैदियों की सुविधाओं को लेकर सख्त सवाल पूछे और हर पहलू को मौके पर परखा।
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने बैरकों और सेल की साफ सफाई, हवादार स्थिति, शौचालयों व स्नानगृहों की दशा, पीने के पानी की उपलब्धता, कपड़े धोने की व्यवस्था, साबुन और व्यक्तिगत स्वच्छता से जुड़ी सुविधाओं की विस्तार से जांच की। बंदियों से सीधे संवाद कर उनसे जेल में आ रही व्यावहारिक समस्याओं और कठिनाइयों के बारे में भी जानकारी ली गई।
जिला एवं सत्र न्यायाधीश अभय जैन ने विशेष रूप से कैदियों के स्वास्थ्य पर जोर देते हुए चिकित्सा सुविधाओं की समीक्षा की। जेल चिकित्सक से उपचार, दवाइयों की उपलब्धता और नियमित स्वास्थ्य परीक्षण के बारे में रिपोर्ट ली गई। इसके साथ ही रसोईघर का निरीक्षण कर बंदियों को दिए जा रहे भोजन की गुणवत्ता, साफ सफाई और भंडारण व्यवस्था को भी परखा गया।
निरीक्षण के दौरान जेल अधीक्षक शैलेन्द्र सिंह फौजदार, जेल चिकित्सक अभिषेक शर्मा, जेलर हीरालाल गुर्जर, मेल नर्स अशोक सेठिया सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे। न्यायिक अधिकारियों ने स्पष्ट संकेत दिया कि कैदियों के अधिकारों और मूलभूत सुविधाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और व्यवस्थाओं में खामी पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
