मनरेगा बचाओ आंदोलन के तहत बाबाधाम मंडल का धरना अनशन, केंद्र सरकार के खिलाफ कांग्रेस का आक्रामक प्रदर्शन

भीलवाड़ा। केंद्र की भाजपा सरकार द्वारा महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम को कमजोर करने के प्रयासों के विरोध में कांग्रेस पार्टी ने प्रदेशभर में आंदोलन तेज कर दिया है। इसी कड़ी में शुक्रवार 31 जनवरी 2026 को जिला कांग्रेस कमेटी शहर के बाबाधाम मंडल की ओर से मालौला चौराहा पर मनरेगा बचाओ आंदोलन के तहत एक दिवसीय धरना अनशन आयोजित किया गया।
शाम चार बजे से छह बजे तक चले इस धरना प्रदर्शन में कांग्रेस नेताओं और सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने भाग लिया। पूरे क्षेत्र में मनरेगा बचाओ गरीबों का हक बचाओ जैसे नारों की गूंज सुनाई देती रही। प्रदर्शन के दौरान केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ तीखे स्वर में विरोध दर्ज कराया गया।
मंडल अध्यक्ष अशोक पारीक ने कहा कि केंद्र सरकार मनरेगा जैसे ऐतिहासिक कानून को कमजोर करने की दिशा में लगातार कदम उठा रही है। राज्य सरकारों पर चालीस प्रतिशत वित्तीय भार डालने, योजना का नाम बदलने और कानून में संशोधन जैसे प्रस्ताव गरीबों और मजदूरों के अधिकारों पर सीधा हमला हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी किसी भी कीमत पर मनरेगा को कमजोर नहीं होने देगी और इसके संरक्षण के लिए निर्णायक संघर्ष जारी रहेगा।
यह कार्यक्रम प्रदेश कांग्रेस कमेटी के निर्देश और जिला कांग्रेस कमेटी शहर के मार्गदर्शन में बाबाधाम मंडल प्रभारी रेखा हिरण तथा सह प्रभारी राजकुमार जैन के नेतृत्व में संपन्न हुआ।
मुख्य अतिथि के रूप में जिला कांग्रेस कमेटी शहर के जिलाध्यक्ष शिवराम जी पी खटीक मौजूद रहे। उन्होंने कहा कि मनरेगा केवल रोजगार योजना नहीं बल्कि गरीब परिवारों के लिए जीवन रक्षक कवच है। भाजपा सरकार लगातार इस योजना को कमजोर कर आमजन की रोजी रोटी छीनने का प्रयास कर रही है। कांग्रेस पार्टी सड़क से लेकर संसद तक इस अन्याय के खिलाफ मजबूती से लड़ाई लड़ेगी और मनरेगा को बचाकर ही दम लेगी। कार्यक्रम का संचालन गोविन्द तिवाड़ी सुखवाल ने किया।
धरना अनशन में शिवराम खटीक जी पी, मनोज पालीवाल, अनिल राठी, राजेंद्र जैन, कुणाल ओझा, पार्षद राधेश्याम भड़ाणा, नंदराम जाट, उस्मान पठान, मोहम्मद हारून रंगरेज, पार्षद विकास शर्मा, निसार सिलावट, मोहम्मद शाहिद, दिनेश बेरवा, शाहिद छिपा, अकरम मेवाफ्रॉस, आजाद मोहम्मद, राकेश सिंघल, बरदी चंद प्रजापत, अरविंद शर्मा, देवी लाल गुर्जर, गोरी शंकर दायमा, शिवप्रकाश सुराना, सत्यनारायण कुमावत सहित बड़ी संख्या में वरिष्ठ कांग्रेस नेता, पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।
धरना अनशन के दौरान सभी कार्यकर्ताओं ने एक स्वर में मनरेगा की रक्षा का संकल्प लिया और केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ संघर्ष और तेज करने की घोषणा की।
