शंभूगढ़ के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बनाने की मांग तेज

शंभूगढ़ के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बनाने की मांग तेज
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शंभूगढ़ दिनेश कुमार। पंचायत समिति मुख्यालय पर स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में क्रमोन्नत करने की मांग अब जोर पकड़ने लगी है। ग्रामीणों का कहना है कि करीब 30 वर्ष पहले तत्कालीन चिकित्सा मंत्री राजेंद्र सिंह राठौड़ द्वारा इस केंद्र का उद्घाटन किया गया था, लेकिन इतने वर्षों बाद भी इसे उच्च स्तर का नहीं बनाया गया है, जबकि आबादी लगातार बढ़ती जा रही है और मरीजों का दबाव भी लगातार बढ़ रहा है।

ग्रामीणों के अनुसार अस्पताल की ओपीडी में प्रतिदिन लगभग 300 से 350 रोगी इलाज के लिए पहुंच रहे हैं। संसाधनों की कमी और सीमित स्टाफ के कारण चिकित्सा सेवाओं पर असर पड़ रहा है। पंचायत समिति मुख्यालय होने के बावजूद गंभीर बीमारियों की स्थिति में आसपास के हजारों ग्रामीणों को आसींद या गुलाबपुरा जैसे बड़े चिकित्सालयों का रुख करना पड़ता है।

कस्बे की लगभग 10 हजार की आबादी के लिए केवल एक डॉक्टर के भरोसे स्वास्थ्य सेवाएं चल रही हैं। आपातकालीन परिस्थितियों में बीमार व्यक्तियों और गर्भवती महिलाओं को समय पर डॉक्टर की सुविधा नहीं मिल पाती, जिससे उन्हें अन्य अस्पतालों में भटकना पड़ता है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में क्रमोन्नत कर दिया जाए तो क्षेत्र के हजारों लोगों को राहत मिल सकती है।

स्थानीय लोगों ने इस संबंध में विधायक जबर सिंह सांखला से भी मांग रखी है कि आगामी बजट में शंभूगढ़ को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की सौगात दी जाए। ग्रामीणों को उम्मीद है कि इस बार उनकी आवाज सुनी जाएगी।

इसके साथ ही कस्बे में आपातकालीन 108 एंबुलेंस सेवा शुरू करने की मांग भी उठ रही है। राष्ट्रीय राजमार्ग 148 डी के पास स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर अक्सर सड़क दुर्घटनाओं के घायल पहुंचते हैं, लेकिन एंबुलेंस सुविधा नहीं होने से उन्हें समय पर उपचार नहीं मिल पाता। ग्रामीणों का कहना है कि यदि यहां 108 सेवा उपलब्ध करवा दी जाए तो दुर्घटना में घायल लोगों के साथ ही आसपास के गांवों की गर्भवती महिलाओं को भी अस्पताल पहुंचने में सुविधा होगी।

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