विवेकानंद केंद्र द्वारा कुमुद विहार में तीन श्रेणियों हेतु विमर्श कार्यक्रम आयोजित

विवेकानंद केंद्र द्वारा कुमुद विहार में तीन श्रेणियों हेतु विमर्श कार्यक्रम आयोजित
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भीलवाड़ा। विवेकानंद केंद्र द्वारा कुमुद विहार प्रथम स्थित वैदिक गार्डन में उद्योगपतियों, शिक्षाविदों और योग शिक्षकों के लिए तीन अलग-अलग श्रेणियों में विमर्श कार्यक्रमों का आयोजन किया गया।

सेवा क्षेत्र के विमर्श में मुख्य वक्ता पद्मश्री निवेदिता रघुनाथ भिड़े ने कहा कि सेवा मूर्त और अमूर्त दो प्रकार की होती है। अमूर्त सेवा भाव प्रधान होने के कारण श्रेष्ठ है, जिससे ऐसे समाज का निर्माण संभव है जहाँ भौतिक सेवा की आवश्यकता ही न पड़े। कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि तिलोक चंद छाबड़ा ने सकारात्मक परिवर्तन के लिए सामूहिक प्रयासों पर जोर दिया, वहीं दिनेश नौलखा भी उपस्थित रहे। डॉ. जी. वी. दिवाकर ने केंद्र परिचय दिया और बलराज आचार्य ने आभार व्यक्त किया।

शिक्षाविदों के विमर्श में भानुदास धाक्रस, जगदीश जोशी, मीरा दीदी एवं सुजाता दीदी ने मार्गदर्शन दिया। वक्ताओं ने युवा पीढ़ी को मूल्यपरक शिक्षा देने, गुरु-शिष्य संबंधों की पवित्रता और असम के जनजातीय क्षेत्रों में 'आनंदालय प्रकल्प' की सफलता के बारे में जानकारी दी। इस दौरान विजयपाल वर्मा, नरेंद्र सिंह राठौड़ सहित कई शिक्षा अधिकारी उपस्थित थे।

योग शिक्षकों के सत्र में मुख्य वक्ता एम हनुमंत राव ने बताया कि तनाव ही सभी व्याधियों की जड़ है। उन्होंने योग के माध्यम से मन की वृत्तियों को शांत करने की प्रक्रिया समझाई। कार्यक्रम में ब्रह्माकुमारी संस्थान से ललिता बहिन, गायत्री शक्तिपीठ से श्रंग सुखवाल और हार्टफुलनेस से अभिषेक नाराणीवाल सहित कई योग साधक उपस्थित रहे। मंच संचालन शिवनारायण जांगिड़ ने किया।

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