घर को स्वर्ग बनाना है तो दिमाग में बर्फ की ओर जुबान में शुगर की फैक्ट्री डाल दो-संत दिग्विजयरामजी

भीलवाड़ा। शहर के रोडवेज बस स्टैंड के पास अग्रवाल उत्सव भवन में स्व. श्रीमती गीतादेवी तोषनीवाल चैरिटेबल ट्रस्ट के तत्वावधान में आयोजित सात दिवसीय संगीतमय श्रीमद भागवत कथा ज्ञान सप्ताह का चौथा दिन विशेष उल्लास और भक्ति रस से सराबोर रहा। इस दिन कथा में श्री कृष्ण जन्म नंदोत्सव एवं प्रहलाद चारित्र प्रसंग का वाचन किया गया।
रामद्वारा चित्तौड़गढ़ के रामस्नेही संत एवं प्रखर वक्ता दिग्विजयरामजी महाराज ने भक्तों को सत्संग, भक्ति और जीवन मूल्यों का संदेश देते हुए कहा कि मानव देह मिलना दुर्लभ है और सत्संग का अनुभव अनमोल है। उन्होंने जीवन में संतुलन बनाए रखने, मन को शांत रखने, जुबान को नरम रखने और जेब को गरम रखने का उपदेश दिया। हिरण्यकश्यप वध और भक्त प्रहलाद के प्रसंग के माध्यम से उन्होंने भगवान की सर्वव्यापकता और भक्त की रक्षा के महत्व को समझाया।
कथा के दौरान कृष्ण जन्मोत्सव प्रसंग पर वासुदेव और नन्हें कृष्ण की सजीव झांकी, वहीं हिरण्यकश्यप वध प्रसंग में नृसिंह भगवान और भक्त प्रहलाद की झांकी ने दर्शकों का मन मोह लिया।
संतों का सानिध्य भी आकर्षण का केंद्र रहा। महंत गोपालदास महाराज सांगानेर, महंत बनवारीशरण काठियाबाबा, महंत संतदासजी महाराज हाथीभाटा आश्रम, महंत मोहनशरण शास्त्री निम्बार्क आश्रम सहित कई संतों ने व्यासपीठ पर श्री दिग्विजयरामजी महाराज का अभिनंदन किया। अखिल भारतीय माहेश्वरी महासभा के पूर्व अध्यक्ष रामपाल सोनी ने भी आशीर्वाद प्राप्त किया।
कथा के दौरान पांडाल में भजनों की रसधारा बहती रही। श्रद्धालु भक्ति में झूमते और नृत्य करते हुए भजन संगीत का आनंद ले रहे थे। पंडित अशोक व्यास ने मंच संचालन किया। अगले दिन शुक्रवार को श्रीकृष्ण बाललीला और गोवर्धन पूजा प्रसंग का वाचन एवं छप्पन भोग का आयोजन किया जाएगा।
