प्रभु प्राप्ति के लिए सेवा और भक्ति का मार्ग श्रेष्ठ, दिग्विजय राम महाराज ने दिया संदेश

प्रभु प्राप्ति के लिए सेवा और भक्ति का मार्ग श्रेष्ठ, दिग्विजय राम महाराज ने दिया संदेश
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भीलवाड़ा । शहर में चल रही श्रीमद् भागवत कथा के अवसर पर रामस्नेही संप्रदाय के संत दिग्विजय राम महाराज ने विभिन्न स्थानों पर भक्तों के घर पहुंचकर पदरावणी की और सत्संग प्रवचन दिए। इस दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे और भक्ति माहौल से पूरा क्षेत्र गूंज उठा।

सुबह भदादा मोहल्ले में उदयलाल समदानी के निवास पर आयोजित सत्संग में महाराज का ढोल नगाड़ों और पुष्प वर्षा के साथ भव्य स्वागत किया गया। प्रवचन में उन्होंने कहा कि अठारह पुराणों में यह संदेश मिलता है कि दूसरों को कष्ट पहुंचाना सबसे बड़ा पाप है और अपनी वजह से किसी के चेहरे पर मुस्कान लाना सबसे बड़ा पुण्य।

दिग्विजय राम महाराज ने कहा कि चाहे व्यक्ति लाखों का कारोबार करता हो, फिर भी सेवा करना नहीं छोड़े और करोड़ों कमाने के बाद भी ईश्वर भक्ति से दूर न जाए। सेवा और भक्ति का संतुलन ही जीवन को श्रेष्ठ बनाता है।

इस अवसर पर उदयलाल समदानी, महावीर समदानी, लोकेश समदानी, रामस्वरूप तोषनीवाल, रामनारायण सोमानी, सुशील जागेटिया, जेपी कोगटा, राधेश्याम अजमेरा, जय किशन मित्तल, अमोल जागेटिया, रामेश्वर तोषनीवाल, अशोक दरक, कैलाश भदादा, दिनेश भदादा, प्रशांत समदानी, राजेंद्र भदादा, अमित धूत, घनश्याम मंत्री सहित बड़ी संख्या में महिलाएं उपस्थित रहीं।

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