आयुष नर्सेज की गांधीगिरी, सामूहिक भूख हड़ताल से मुख्यमंत्री का कराया ध्यानाकर्षण

भीलवाड़ा, । अखिल राजस्थान राज्य आयुष नर्सेज महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष छीतर मल सैनी के प्रदेशव्यापी आह्वान पर मंगलवार को प्रदेशभर में आयुष नर्सेज ने एकजुट होकर सामूहिक भूख हड़ताल की। नर्सेज ने अपने अपने कार्यस्थलों पर ड्यूटी करते हुए यह विरोध दर्ज कराया और आयुर्वेद निदेशालय प्रशासन पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगाते हुए मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा का ध्यान नर्सिंग कैडर की लंबित समस्याओं की ओर आकर्षित किया।
महासंघ का आरोप है कि विभाग में कार्यरत वरिष्ठ आयुष नर्सेज के पदनाम परिवर्तन के लिए सेवा नियमों में संशोधन संबंधी प्रस्ताव आयुर्वेद निदेशक अजमेर द्वारा राज्य सरकार को नहीं भेजे जा रहे हैं। जबकि बीते दो वर्षों में राज्य सरकार पांच बार पत्र जारी कर इस विषय में प्रस्ताव भिजवाने के निर्देश दे चुकी है। इसके बावजूद निदेशालय की कथित हठधर्मिता के कारण आज तक कोई प्रस्ताव सरकार को नहीं भेजा गया, जिससे पदनाम परिवर्तन का गजट नोटिफिकेशन जारी होने में लगातार देरी हो रही है।
प्रदेश अध्यक्ष छीतर मल सैनी अपने कर्तव्य स्थल खंडेला में भूख हड़ताल पर बैठे। वहां औषधालय प्रभारी डॉक्टर प्रियंका मोहता और डॉक्टर आशिफ अली ने उन्हें जूस पिलाकर उपवास तुड़वाया। इस दौरान सैनी ने कहा कि निदेशालय प्रशासन राज्य सरकार के आदेशों की खुली अवहेलना कर रहा है और नर्सिंग कैडर की समस्याओं को लगातार नजरअंदाज किया जा रहा है।
प्रदेशभर में दिखा आंदोलन का असर
प्रदेशव्यापी आह्वान पर हुए इस आंदोलन का व्यापक असर देखने को मिला। हजारों की संख्या में आयुष नर्सेज ने पूरे दिन भूखे रहकर विरोध दर्ज कराया और निदेशालय की कार्यप्रणाली के खिलाफ आक्रोश जताया। कई जिलों में नर्सेज ने शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांगों को दोहराते हुए शीघ्र समाधान की मांग की।
मुख्यमंत्री से त्वरित हस्तक्षेप की मांग
महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष छीतर मल सैनी ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा से आग्रह किया कि निदेशालय स्तर पर हो रही अनदेखी और अफसरशाही पर शीघ्र संज्ञान लेते हुए ठोस कार्रवाई की जाए, ताकि नर्सिंग कैडर की वर्षों से लंबित मांगों का समाधान हो सके।
