भजनों की स्वर लहरियों पर झूमे भक्त, सांवरिया सेठ के जयकारों से गुंजायमान हुआ नौगांवा

भजनों की स्वर लहरियों पर झूमे भक्त, सांवरिया सेठ के जयकारों से गुंजायमान हुआ नौगांवा
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भीलवाड़ा धर्मनगरी के निकट नौगांवा सांवरिया सेठ मंदिर में मंगलवार को आस्था और भक्ति का अनूठा संगम देखने को मिला। अवसर था नौगांवा सांवरिया सेठ मंदिर ट्रस्ट द्वारा अमावस्या के उपलक्ष में आयोजित भव्य भजन संध्या का, जहां सुबह से लेकर शाम तक श्रोता भजनों की रसधार में सराबोर रहे। कार्यक्रम में उमड़ी भक्तों की भारी भीड़ ने सांवरिया सेठ के दरबार में हाजिरी लगाई। भजन संध्या का आगाज गणपति वंदना के साथ हुआ। सुप्रसिद्ध भजन गायक सत्तू सादास ने जब अपने चिर-परिचित अंदाज में सांवरिया सेठ के भजनों की प्रस्तुति दी, तो पूरा पांडाल तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। सांवरिया सेठ दे दे नौगांवा का मालिक दे दे, "चलो चलें सांवरिया सेठ नौगांवा के पास" जैसे भजनों पर श्रद्धालु स्वयं को थिरकने से नहीं रोक पाए। उनके साथ गुंजन म्यूजिकल ग्रुप, रायला के कलाकारों ने संगत कर अपनी वादन कला से कार्यक्रम में चार चांद लगा दिए। आयोजन के लिए मंदिर परिसर को विशेष रूप से देशी-विदेशी फूलों और विद्युत सज्जा से सजाया गया था।



ट्रस्ट के अध्यक्ष गोविंद प्रसाद सोडाणी ने बताया कि पंडित दीपक आनंद पाराशर ने भगवान का भव्य श्रृंगार किया। मंदिर के शिखर पर ध्वजा भंवर लाल दरगड की ओर से चढ़ाई गई। पंडित रमाकांत आचार्य के मंत्र उच्चारण के बीच ठाकुर जी का दूध से अभिषेक सोनू सेन पुर ने किया। कार्यक्रम में भक्त बालचंद काबरा , संदीप चोरडिया, मयंक तंवर, गिरिराज काबरा आदि का विशेष सहयोग रहा। आयोजन को लेकर स्थानीय ग्रामीणों और आसपास के क्षेत्रों से आए श्रद्धालुओं में भारी उत्साह रहा। दिनभर चले इस भक्ति अनुष्ठान में दर्शनों के लिए लंबी कतारें लगी रहीं।भजन संध्या के माध्यम से क्षेत्र में भक्तिमय वातावरण निर्मित हुआ है। बड़ी संख्या में भक्तों ने प्रसादी ग्रहण कर पुण्य लाभ कमाया।

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