विधानसभा में गूंजी भीलवाड़ा की आवाज: विधायक अशोक कोठारी ने टेक्सटाइल हब और खेल विकास के लिए मजबूती से रखा पक्ष

भीलवाड़ा (बीएचएन)। राजस्थान विधानसभा में युवा मामले, खेल और उद्योग बजट चर्चा के दौरान भीलवाड़ा विधायक अशोक कुमार कोठारी ने प्रदेश सहित विशेष रूप से भीलवाड़ा के औद्योगिक व खेल विकास से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाया। उन्होंने भीलवाड़ा को 'राजस्थान का मैनचेस्टर' बताते हुए इसके कायाकल्प के लिए कई महत्वपूर्ण सुझाव और मांगें सदन के पटल पर रखीं।
औद्योगिक विकास और "राइजिंग राजस्थान" की सराहना
विधायक कोठारी ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में आयोजित “राइजिंग राजस्थान ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट” की सराहना करते हुए कहा कि 35 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्रदेश की अर्थव्यवस्था को नई ऊंचाई देंगे। उन्होंने रिप्स-2024, एमएसएमई पॉलिसी और सिंगल विंडो सिस्टम जैसे नीतिगत सुधारों को उद्योगों के लिए राहतकारी बताया।
भीलवाड़ा टेक्सटाइल उद्योग के लिए प्रमुख मांगें:
भीलवाड़ा की जीडीपी में महत्वपूर्ण भूमिका का उल्लेख करते हुए विधायक ने निम्नलिखित मांगें रखीं:
बिजली दरें व सोलर: बिजली दरों में कमी करने, सोलर सीमा बढ़ाने और पुरानी इकाइयों में सोलर सब्सिडी के नियमों को सरल बनाने की मांग।
पीएम-मित्र मेगा पार्क: भीलवाड़ा टेक्सटाइल पार्क को केंद्र के पीएम-मित्र मेगा पार्क योजना में शामिल करने का आग्रह।
बुनियादी ढांचा: सिरेमिक जोन की स्थापना, रामसेतु लिंक परियोजना से जुड़ाव और स्टेट ग्राउंड वाटर बोर्ड के गठन की आवश्यकता।
सुरक्षा व सुविधा: औद्योगिक क्षेत्रों के लिए विशेष औद्योगिक पुलिस स्टेशन की स्थापना और रिप्स सब्सिडी का त्रैमासिक भुगतान।
हब निर्माण: टेक्सटाइल और माइनिंग के लिए पृथक हब बनाने तथा भूमि कन्वर्जन सीमा को बढ़ाकर 6 लाख वर्ग मीटर करने की मांग।
खेलों के प्रति विजन: "मिशन ओलंपिक" पर जोर
खेलों पर चर्चा करते हुए कोठारी ने खेल मंत्री राज्यवर्धन सिंह राठौड़ के विजन और भीलवाड़ा के अर्जुन पुरस्कार विजेता खिलाड़ियों (सुरेन्द्र कटारिया, अभिजीत गुप्ता और अश्विनी विश्नोई) का जिक्र किया। उन्होंने सुझाव दिया कि:
जिला स्तर पर आधुनिक स्टेडियमों का निर्माण हो और कोचों की कमी दूर की जाए।
राज्य में 'साई' (SAI) जैसी सुदृढ़ संस्था बनाई जाए।
उद्योगों को CSR मद से खेलों में निवेश के लिए प्रोत्साहित किया जाए।
विधायक ने अंत में जोर देते हुए कहा कि उद्योगों की उन्नति से ही रोजगार के अवसर बढ़ेंगे, जिससे प्रदेश निरंतर प्रगति के पथ पर अग्रसर होगा।
