इंसानियत शर्मसार:: पाली में 'बच्चा चोर' की अफवाह पर बुजुर्ग महिला को बेरहमी से पीटा, बेटी की चीखों से भी नहीं पसीजा भीड़ का दिल

पाली (बीएचएन)। राजस्थान के पाली जिले के बगड़ी थाना क्षेत्र में अफवाहों के खूनी खेल ने मानवता को झकझोर कर रख दिया है। सिंचियावास गांव में गोंद और प्लास्टिक के टब बेचने आई एक 58 वर्षीय बुजुर्ग महिला को भीड़ ने 'बच्चा चोर' समझकर मौत के मुहाने पर पहुँचा दिया। लाठी-डंडों से किए गए इस हमले के दौरान बुजुर्ग महिला की बेटी रहम की भीख मांगती रही, लेकिन बेकाबू भीड़ पर खून सवार था।

दस्तावेज दिखाने के बाद भी नहीं रुकीं लाठियां

घटना 22 फरवरी की है। सोजत की लोहार कॉलोनी निवासी खीमी देवी अपनी 20 वर्षीय बेटी नीरता के साथ व्यापार के सिलसिले में गांव पहुंची थीं। दोपहर के समय नरेगा कार्यस्थल के पास अचानक बच्चा चोरी की अफवाह फैल गई। देखते ही देखते भीड़ ने उन्हें घेर लिया। खीमी देवी ने अपनी पहचान के दस्तावेज भी दिखाए और बेटी ने रो-रोकर सच बताने की कोशिश की, लेकिन दो महिलाओं सहित अन्य ग्रामीणों ने उन पर लाठियों की बरसात कर दी।

वायरल वीडियो ने झकझोरी रूह

वारदात का एक रोंगटे खड़े कर देने वाला वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है। वीडियो में साफ दिख रहा है कि कैसे बेबस बुजुर्ग महिला लहूलुहान होकर जमीन पर गिर रही है और उसकी बेटी बार-बार लोगों के सामने हाथ जोड़कर अपनी मां की जान बख्शने की गुहार लगा रही है। इस फुटेज के सामने आने के बाद पुलिस महकमे में भी हड़कंप मच गया।

पुलिस का एक्शन: चार हमलावर गिरफ्तार

कंटालिया चौकी प्रभारी एएसआई मलाराम चौधरी ने बताया कि पुलिस ने इस बर्बरता के मामले में त्वरित कार्यवाही करते हुए चार आरोपियों— भगवान सिंह, मोट सिंह, लक्ष्मण सिंह और गट्टू देवी को गिरफ्तार कर लिया है। गंभीर रूप से घायल खीमी देवी का अस्पताल में उपचार जारी है, जहाँ उनकी हालत अब स्थिर बताई जा रही है। पुलिस क्षेत्र में शांति बनाए रखने और अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील कर रही है।

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