दूसरे दिन भी थमे रहे निजी बसों के पहिये: यात्रियों की बढ़ी मुश्किलें, बस मालिकों ने मुख्यमंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन

दूसरे दिन भी थमे रहे निजी बसों के पहिये: यात्रियों की बढ़ी मुश्किलें, बस मालिकों ने मुख्यमंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन
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गंगापुर/भीलवाड़ा (दिनेश लक्षकार )। परिवहन विभाग की 'दमनकारी' नीतियों और भारी-भरकम चालानों के विरोध में भीलवाड़ा जिले के निजी बस ऑपरेटरों की हड़ताल दूसरे दिन भी जारी रही। चक्का जाम के चलते यात्री दिनभर परेशान नजर आए और निजी बस स्टैंडों पर सन्नाटा पसरा रहा। बुधवार को भीलवाड़ा स्लीपर बस यूनियन, टैक्सी यूनियन और मोटर बॉडी बिल्डर यूनियन के प्रतिनिधियों ने एकजुट होकर मुख्यमंत्री के नाम जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा।

मौन जुलूस निकालकर जताया विरोध, 200 से अधिक संचालक रहे मौजूद

निजी बस एसोसिएशन के जिला अध्यक्ष राजेंद्र मोगरा ने बताया कि बुधवार को प्राइवेट बस स्टैंड से एक मौन जुलूस निकाला गया। यह जुलूस शहर के मुख्य बाजारों से होता हुआ कलेक्ट्री पहुँचा, जहाँ आक्रोशित बस मालिकों ने प्रदर्शन किया। इस दौरान भीलवाड़ा ट्रेवल्स एसोसिएशन समिति के अध्यक्ष विशाल सुखवाल, बस बॉडी बिल्डर अध्यक्ष गणेश सुथार, प्रदेश प्रवक्ता जगदीश ओझा सहित लगभग 200 सदस्य उपस्थित रहे।

लाखों के चालान और नए नियमों से संकट में व्यवसाय

ज्ञापन में बताया गया कि परिवहन विभाग मोटर व्हीकल एक्ट की धारा 153, 182A और नए बस बॉडी मानकों (AIS-052, AIS-119, AIS-153) के नाम पर पुरानी बसों पर भी लाखों रुपये के चालान बना रहा है। वाहन बॉडी में बदलाव, सेफ्टी उल्लंघन और फिटनेस के नाम पर 40-45 हजार से लेकर लाखों रुपये तक के जुर्माने और आरसी निलंबन की कार्यवाही की जा रही है। बस मालिकों का कहना है कि इन कठिन मानकों को पुरानी बसों पर लागू करना अव्यावहारिक है और इससे उनका व्यवसाय पूरी तरह संकट में आ गया है।

ये रहे मौजूद

ज्ञापन सौंपने के दौरान अर्जुन सिंह, शंकर सिंह, देवी लाल सुथार, राज कुमार टाक, रतन मूंदड़ा, शशांक टाक, फिरोज, चिराग जैन, शरीफ मोहम्मद, अनिल जोशी, अभिषेक चतुर्वेदी, मनोज पारीक, अभिषेक टेलर, निर्मल जोशी, कलीम काजी सहित कई बस मालिक और यूनियन प्रतिनिधि उपस्थित थे। बस संचालकों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर सकारात्मक विचार नहीं किया गया तो आंदोलन को और उग्र किया जाएगा।

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