कोली समाज में फिजूलखर्ची पर प्रहार, एकल विवाह कार्यक्रम के लिए पंजीयन शुरू

भीलवाड़ा | कोली समाज विकास ट्रस्ट भीलवाड़ा द्वारा समाज में व्याप्त फिजूलखर्ची को रोकने और निर्धन व विधवा कन्याओं के विवाह में सहयोग के उद्देश्य से 'चतुर्थ एकल विवाह' का आयोजन किया जा रहा है। 26 अप्रैल 2026, रविवार को सुबह 9 बजे जोगणिया माता कुवाड़ा धाम में होने वाले इस भव्य आयोजन के लिए पंजीयन प्रक्रिया प्रारंभ हो चुकी है।

पहले दिन दो जोड़ों का हुआ पंजीयन, उपहारों की बौछार

पंजीयन के पहले दिन वीरांगना झलकारी बाई सभागार, कोली मोहल्ला में समाज के पंचों की गरिमामयी उपस्थिति में दो जोड़ों का पंजीयन किया गया। नौरती संग बबलू एवं मुकेश संग ललिता कोली के पंजीयन के साथ ही आयोजन का उत्साह दोगुना हो गया।

इस अवसर पर पंचों द्वारा वर-वधु को विशेष उपहार भी भेंट किए गए। वधु को सूरत का प्रसिद्ध शादी का बेस, सोजत की मेहंदी और दिल्ली की श्रृंगार दानी दी गई। वहीं, दूल्हे को जवाहर फाउंडेशन की ओर से सफारी सूट का कपड़ा, जयपुर का साफा और मोड़ उपहार स्वरूप प्रदान किए गए।

15,151 रुपये में होगा विवाह, भामाशाहों का मिलेगा सहयोग

सचिव मुरलीधर लोरवाडिया ने जानकारी दी कि:

पंजीयन शुल्क: प्रत्येक वर/वधु पक्ष से 15,151 रुपये लिए जा रहे हैं।

उपहार: पंजीयन राशि से एकत्रित धन का उपयोग वर-वधु को आवश्यक घरेलू सामान उपहार में देने के लिए किया जाएगा।

भोजन व्यवस्था: भामाशाहों के सहयोग से प्रत्येक जोड़े के साथ आने वाले 100 मेहमानों के लिए निःशुल्क भोजन की व्यवस्था रहेगी।

समाज के वरिष्ठ जनों की रही मौजूदगी

पंजीयन कार्यक्रम के दौरान पुजारी रामलाल तलाया, डालचंद बछापरिया, मोतीसिंह मंडिया, भेरूलाल लोरवाडिया, देवीलाल गडोरिया, कैलाश चंद्र, सुनील और सोहन लाल सहित समाज के कई प्रबुद्ध जन और कार्यकर्ता उपस्थित थे। ट्रस्ट ने समाज के अन्य लोगों से भी इस मुहिम से जुड़ने और फिजूलखर्ची को त्याग कर सामूहिक/एकल विवाह को बढ़ावा देने की अपील की है।

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