तालाबों में मौत के 'सेल्फी' शौकीनों पर कसेंगे नकेल: राजस्थान सरकार की सख्त गाइडलाइन, शराब और गहरे पानी में कूदने पर भी रोक

तालाबों में मौत के सेल्फी शौकीनों पर कसेंगे नकेल: राजस्थान सरकार की सख्त गाइडलाइन, शराब और गहरे पानी में कूदने पर भी रोक
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भीलवाड़ा | राजस्थान के गांवों में तालाबों और जलाशयों में डूबने से होने वाली लगातार मौतों के बाद प्रशासन जाग गया है। पंचायती राज विभाग ने इस गंभीर समस्या पर कड़ा संज्ञान लेते हुए सभी जिला परिषदों को एक सख्त गाइडलाइन जारी की है। आयुक्त जोगाराम द्वारा जारी इन निर्देशों का मुख्य उद्देश्य युवाओं की 'मनोरंजन' के नाम पर जान जोखिम में डालने की आदत पर लगाम लगाना है।

सेल्फी और शराब पर पूर्ण पाबंदी: मस्ती के चक्कर में जान गंवाने वालों के लिए कड़ा संदेश

सरकार ने स्पष्ट किया है कि ग्रामीण इलाकों के जलाशयों के पास अब सेल्फी लेना, गहरे पानी में कूदना और वहां शराब पीना पूरी तरह से प्रतिबंधित होगा। पंचायती राज आयुक्त जोगाराम ने अपने आदेश में सभी जिला परिषद सीईओ को निर्देश दिए हैं कि वे इस गाइडलाइन को स्थानीय स्तर पर सख्ती से लागू कराएं। यह फैसला इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि युवा अक्सर मौज-मस्ती और सोशल मीडिया पर फोटो डालने के चक्कर में सुरक्षा मानकों की अनदेखी करते हैं, जिससे हादसे होते हैं।

सुरक्षा होगी सर्वोपरि: चेतावनी बोर्ड से लेकर निगरानी तक

गाइडलाइन में आमजन के साथ-साथ मवेशियों की सुरक्षा के लिए भी कड़े कदम उठाने को कहा गया है। इसके तहत सभी जिला परिषदों को जलाशयों के खतरनाक स्थानों पर चेतावनी बोर्ड लगाने और वहां स्थानीय स्तर पर सख्त निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं। इसका मतलब है कि अब गांवों में भी जलाशयों के पास पुलिस या स्थानीय प्रशासन की टीम तैनात रह सकती है, जो नियमों का उल्लंघन करने वालों पर कार्रवाई करेगी।

बदलाव के साथ: क्या यह गाइडलाइन केवल कागजों पर सिमट जाएगी?

राजस्थान सरकार की इस पहल का स्वागत है, लेकिन सबसे बड़ा सवाल इसके प्रभावी क्रियान्वयन पर है। पंचायती राज विभाग की इस गाइडलाइन को जमीनी स्तर पर लागू करना एक बड़ी चुनौती होगी, खासकर ग्रामीण इलाकों में जहां संसाधनों की कमी है। क्या स्थानीय प्रशासन इस गाइडलाइन का पालन कराने के लिए पर्याप्त व्यवस्था कर पाएगा? क्या यह गाइडलाइन केवल एक औपचारिक आदेश बनकर रह जाएगी? यह तो समय ही बताएगा। लेकिन एक बात साफ है कि अगर सरकार वाकई जलाशयों में डूबने से होने वाली मौतों को रोकना चाहती है, तो उसे इस गाइडलाइन को सख्ती से लागू करने के लिए ठोस कदम उठाने होंगे।

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