नस्ल सुधार और नवाचार से आदर्श बनेगी नौगांवा गौशाला

भीलवाड़ा । गौ-सेवा और अनुसंधान के क्षेत्र में अग्रणी माधव गो विज्ञान अनुसंधान संस्थान, नौगांवा की एक महत्वपूर्ण संगठनात्मक बैठक सोमवार को संस्थान के अध्यक्ष डीपी अग्रवाल की अध्यक्षता में गौशाला परिसर में संपन्न हुई। इस बैठक में संस्थान को एक 'मॉडल गौशाला' के रूप में विकसित करने के लिए कई दूरगामी निर्णय लिए गए, जिसमें गौवंश की नस्ल सुधार और पोषण प्रबंधन को आधुनिक बनाने पर विशेष जोर दिया गया।

वैज्ञानिक पद्धति और नस्ल सुधार पर ध्यान

अध्यक्ष डीपी अग्रवाल ने सदस्यों को संबोधित करते हुए कहा कि संस्थान का उद्देश्य मात्र गौवंश को आश्रय देना नहीं, बल्कि वैज्ञानिक पद्धति से उनके गुणों में वृद्धि करना है। उन्होंने गौवंश के प्राकृतिक विचरण और उत्तम पोषण के लिए परिसर में नवीन चारागाह निर्माण और उन्नत किस्म की घास लगाने की योजना पर चर्चा की। संस्थान के मंत्री सत्यप्रकाश गग्गड़ ने बताया कि वर्तमान में राठी और साहीवाल जैसी श्रेष्ठ देसी नस्लों के संरक्षण और संवर्धन पर ध्यान केंद्रित किया जा रहा है, जिससे दुग्ध उत्पादन और पशुओं की रोग प्रतिरोधक क्षमता में सुधार हो रहा है।

सामाजिक जुड़ाव और 'स्मृति दिवस' की अपील

संस्थान ने आमजन से भावुक अपील की है कि वे अपने जीवन के विशेष अवसरों या पूर्वजों की याद में गौशाला आकर 'स्मृति दिवस' मनाएं और गौ-सेवा का पुण्य लाभ लें। इसके साथ ही, पर्यावरण संरक्षण और किसानों की सहायता के लिए केंचुआ खाद (वर्मी कंपोस्ट) प्लांट के विस्तार पर भी सहमति बनी।

नौगांवा गौशाला बनेगी समाज के लिए मिसाल

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के वरिष्ठ प्रचारक सुरेश भाई ने कहा कि देवस्थान विभाग में संस्थान का पंजीकृत होना इसकी प्रामाणिकता का प्रतीक है और यह अपनी योजनाओं से समाज के सामने मिसाल पेश कर रही है। बैठक के अंत में गोविंद प्रसाद सोडाणी ने भविष्य की रूपरेखा रखते हुए व्यवस्थाओं को डिजिटल और पारदर्शी बनाने की बात कही। इस दौरान मदनलाल धाकड़, हेमंत शर्मा सहित कई पदाधिकारियों ने गौ-संवर्धन के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।

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