ओबीसी आरक्षण के बिना नहीं होंगे निकाय चुनाव: यूडीएच मंत्री झाबर सिंह खर्रा ने भीलवाड़ा में स्थिति की स्पष्ट

भीलवाड़ा। राज्य के नगरीय विकास एवं स्वायत्त शासन (UDH) मंत्री झाबर सिंह खर्रा ने शुक्रवार को निकाय चुनावों और ओबीसी आरक्षण को लेकर सरकार की स्थिति पूरी तरह स्पष्ट कर दी है। भीलवाड़ा प्रवास के दौरान पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि राज्य सरकार अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) को राजनीतिक आरक्षण तभी प्रदान करेगी, जब उसकी सटीक जनसंख्या के आंकड़े उपलब्ध हो जाएंगे।

विपक्ष को दी खुली चुनौती

मंत्री खर्रा ने निकाय चुनावों में हो रही देरी पर विपक्ष के घेराव का जवाब देते हुए गेंद उनके पाले में डाल दी। उन्होंने कहा कि विधानसभा में भी विपक्ष से स्पष्ट रूप से कहा गया है कि यदि वे बिना ओबीसी आरक्षण के ही चुनाव करवाना चाहते हैं, तो अपनी मांग लिखित में दें। ऐसी स्थिति में सरकार चुनाव करवाने पर विचार कर सकती है, अन्यथा सरकार की प्राथमिकता आरक्षण की प्रक्रिया पूरी करने के बाद ही चुनाव करवाने की है।

कोर्ट के निर्णय और सुप्रीम कोर्ट के आदेश का हवाला

निकाय चुनावों के मामले पर मंत्री ने बताया कि यह विषय वर्तमान में राजस्थान उच्च न्यायालय में विचाराधीन है और सरकार कोर्ट के हर निर्णय का सम्मान करेगी। उन्होंने सर्वोच्च न्यायालय के एक पुराने निर्णय का हवाला देते हुए कहा कि जब तक राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग त्रिस्तरीय जांच के आधार पर ओबीसी की वास्तविक जनसंख्या के आंकड़े तैयार कर सरकार को नहीं सौंप देता, तब तक राजनीतिक आरक्षण देना कानूनी रूप से संभव नहीं है।

कथा में लिया संतों का आशीर्वाद

इससे पूर्व, मंत्री झाबर सिंह खर्रा शहर के मेडिसिटी ग्राउंड में आयोजित सात दिवसीय श्री शिव महापुराण कथा में सम्मिलित हुए। उन्होंने व्यास पीठ पर विराजित प्रसिद्ध कथावाचक पंडित प्रदीप मिश्रा और अन्य संतों का आशीर्वाद लिया। इस दौरान उन्होंने प्रदेश की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की। उनके साथ स्थानीय विधायक और अन्य जनप्रतिनिधि भी मौजूद रहे।

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