बिजौलिया में जल झूलनी एकादशी पर निकली भव्य बेवाण यात्रा: 18 मंदिरों के विमान शामिल, विजय सागर तालाब में नौका विहार

बिजौलिया, : जल झूलनी एकादशी के पावन अवसर पर बुधवार शाम बिजौलिया में परंपरागत बेवाण यात्रा का भव्य आयोजन किया गया। इस शोभायात्रा में नगरवासियों के साथ-साथ आस-पास के गांवों से आए श्रद्धालुओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। गढ़ पैलेस स्थित ठाकुर जी के बेवाण सहित कस्बे के 18 मंदिरों के विमानों में सजी श्रीकृष्ण की प्रतिमाएं यात्रा का मुख्य आकर्षण रहीं।
भक्तिमय माहौल में श्रीकृष्ण के जयकारे
यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं ने श्रीकृष्ण के जयकारों से वातावरण को भक्तिमय बना दिया। बैंड-बाजों की मधुर धुनों और भक्ति गीतों ने समां बांधा। नगरवासियों ने पुष्प वर्षा कर यात्रा का हार्दिक स्वागत किया। गढ़ पैलेस से शुरू हुई यह शोभायात्रा नगर के विभिन्न मार्गों से भ्रमण करते हुए विजय सागर तालाब पहुंची।
प्रमुख मंदिरों के विमान शामिल
यात्रा में श्रीगोपाल जी मंदिर, नवनीत लाल जी, मुरली मनोहर जी, अस्तल मंदिर, कोठे के ठाकुर, सनाढ्य ब्राह्मण मंदिर, माली समाज और चित्तौड़ा समाज के बेवाण शामिल रहे। तालाब पर भगवान का नौका विहार कराया गया और परंपरागत झूला झुलाने की रस्म निभाई गई। श्रद्धालुओं ने भगवान को फलों का प्रसाद अर्पित किया।
राजपरिवार की गरिमामय उपस्थिति
गढ़ पैलेस के राजपरिवार के सदस्य सोने और चांदी की छड़ियां लेकर यात्रा की अग्रिम पंक्ति में चल रहे थे, जिसने इस आयोजन की गरिमा को और बढ़ाया। यह यात्रा न केवल धार्मिक उत्साह का प्रतीक रही, बल्कि बिजौलिया की सांस्कृतिक और सामाजिक एकता को भी दर्शाती है।
सामाजिक और धार्मिक महत्व
