भीलवाड़ा की 'कठपुतलियां' का जोधपुर में होगा प्रदर्शन, भारत रंग महोत्सव 2026 में हुआ चयन

भीलवाड़ा। राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय (NSD), नई दिल्ली द्वारा आयोजित विश्व के सबसे बड़े अंतरराष्ट्रीय थिएटर फेस्टिवल 'भारत रंग महोत्सव 2026' में इस वर्ष भीलवाड़ा की रसधारा सांस्कृतिक संस्थान की प्रस्तुति ‘कठपुतलियां’ का चयन किया गया है। जोधपुर में आयोजित तीन दिवसीय महोत्सव के दौरान 17 फरवरी को इस नाटक का भव्य मंचन होगा।
इस नाटक का निर्देशन युवा रंगकर्मी अनुराग सिंह ने किया है। भारंगम जैसे प्रतिष्ठित मंच पर स्थान मिलना भीलवाड़ा के कला जगत के लिए गर्व का विषय है।
वरिष्ठ रंगकर्मियों की परंपरा को आगे बढ़ाती 'रसधारा'
वरिष्ठ रंगकर्मी गोपाल आचार्य द्वारा स्थापित 'रसधारा' संस्थान लंबे समय से लोकधर्मी रंगकर्म को जीवंत रखे हुए है। इससे पहले गोपाल आचार्य के निर्देशन में नाटक ‘भोपा भेरुनाथ’ भी भारंगम में अपनी अमिट छाप छोड़ चुका है। अब अनुराग सिंह के निर्देशन में 'कठपुतलियां' मानवीय संवेदनाओं को नए आयाम देगी।
नाटक का मुख्य संदेश
‘कठपुतलियां’ नाटक सामाजिक विडंबनाओं को प्रतीकात्मक शैली में उजागर करता है। इसमें दिखाया गया है कि कैसे अदृश्य डोरियां मनुष्य के जीवन और उसके निर्णयों को नियंत्रित करती हैं। निर्देशक ने संगीत और शारीरिक अभिव्यक्ति के जरिए एक प्रभावशाली रंग-भाषा तैयार की है।
जोधपुर में जुटेंगे दिग्गज कलाकार
जोधपुर के इस महोत्सव में भीलवाड़ा की प्रस्तुति के साथ-साथ:
प्रसिद्ध फिल्म अभिनेत्री मीता वशिष्ठ के नाटक ‘लाल डेड’ का मंचन होगा।
NSD स्नातक अरु स्वाति व्यास के चर्चित नाटक ‘खाँचे’ का भी प्रदर्शन किया जाएगा।
मंचन के लिए रसधारा संस्थान के कलाकारों का दल बस द्वारा जोधपुर के लिए रवाना हो गया है।
