बजट 2026-27: आयकर के नियमों में बड़े बदलाव, रिटर्न फाइलिंग की तारीख बढ़ी

भीलवाड़ा। वर्ष 2026-27 के केंद्रीय बजट में प्रत्यक्ष करों की दरों में बदलाव न करते हुए भी आयकर की धाराओं में कई महत्वपूर्ण परिवर्तन किए गए हैं। मेवाड़ चैम्बर द्वारा आयोजित बजट समीक्षा वेबिनार में जयपुर के वरिष्ठ आयकर विशेषज्ञ पी.सी. परवाल ने इन बारीकियों पर प्रकाश डाला।
प्रमुख बदलावों के अनुसार, अब 2 करोड़ से कम आय वाले प्रोफेशनल्स और बिना ऑडिट वाली इकाइयों के लिए आयकर रिटर्न की अंतिम तिथि 31 जुलाई के स्थान पर 31 अगस्त कर दी गई है। साथ ही, रिवाइज्ड रिटर्न फाइल करने की समय सीमा को भी तीन महीने बढ़ा दिया गया है। कर्मचारियों के ईएसआई और पीएफ अंशदान जमा कराने की अवधि में राहत दी गई है, वहीं मोटर एक्सीडेंट क्लेम के मुआवजे पर मिलने वाले ब्याज को अब पूरी तरह आयकर मुक्त कर दिया गया है।
अस्पष्ट क्रेडिट पर टैक्स की दर को घटाकर प्रभावी रूप से 39 प्रतिशत किया गया है, लेकिन आय की गलत रिपोर्टिंग पाए जाने पर पेनल्टी की दर अब 117 प्रतिशत तक होगी। शेयरों की पुनर्खरीद (Buyback) पर होने वाले लाभ पर अब सामान्य दर के बजाय कैपिटल गेन की दर से टैक्स लगेगा। सोवेरियन गोल्ड बॉन्ड को स्टॉक एक्सचेंज पर बेचने पर कैपिटल गेन टैक्स लगेगा, हालांकि परिपक्वता अवधि पूर्ण होने पर यह करमुक्त रहेगा। वेबिनार में चैम्बर अध्यक्ष अनिल मिश्रा, मानद महासचिव आर.के. जैन सहित भीलवाड़ा, चित्तौड़गढ़ और राजसमंद के कई वित्तीय विशेषज्ञ शामिल हुए।
