भारत विकास परिषद का 'संस्कृति सप्ताह' 22 से

भीलवाड़ा । भारत विकास परिषद, राजस्थान मध्य प्रांत, ने इस वर्ष 'भारतीय परंपराओं का आईना, हमारी संस्कृति हमारी धरोहर' थीम के तहत एक अनोखे 'संस्कृति सप्ताह' का आयोजन किया है। यह आयोजन 22 सितंबर से 25 दिसंबर तक चलेगा और इसे सात अलग-अलग भागों में विभाजित किया गया है, जिसका उद्देश्य समाज के हर वर्ग तक पहुंचना है। प्रांतीय संयोजिका शारदा चेचानी ने बताया कि इस नवाचार के पीछे युवाओं को अपनी जड़ों से जोड़ना और सामाजिक कुरीतियों को दूर करना है। संस्कृति सप्ताह में संपर्क से लेकर महिला सशक्तिकरण तक, विभिन्न गतिविधियों को शामिल किया गया है। संपर्क में इसमें युवाओं को जोड़ने के लिए वाद-विवाद प्रतियोगिताएं, नशा मुक्ति और बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ पर नुक्कड़ नाटक और जागरूकता रैलियां आयोजित की जाएंगी।सहयोग में जरूरतमंद बच्चों को स्टेशनरी, गणवेश और फल वितरण जैसे कार्यक्रम चलाए जाएंगे। इसके अलावा, गरीब बालिकाओं की शिक्षा और विवाह में भी मदद की जाएगी।

संस्कार में परिवार के सदस्यों के लिए सामूहिक हवन, मंत्र जाप और सामूहिक वंदे मातरम गायन जैसे कार्यक्रम होंगे, जो हमारी सांस्कृतिक विरासत को मजबूत करेंगे। सेवा व समर्पण के इस तहत गौशालाओं का भ्रमण, एनीमिया जांच शिविर, नेत्र चिकित्सा शिविर, और वृद्धाश्रम में सहयोग जैसे सेवा कार्य शामिल हैं। एक कार्यक्रम अपनों के बीच होगा, यह कार्यक्रम बुजुर्गों और बच्चों के बीच के रिश्ते को मजबूत करेगा। इसमें बच्चों द्वारा नृत्य नाटिकाएं और माता-पिता का सम्मान किया जाएगा। भक्तिमय कार्यक्रममें भक्ति गीत गायन और पारंपरिक गीतों की अंताक्षरी प्रतियोगिताएं शामिल हैं, जो लोगों को भक्ति और मनोरंजन से जोड़ेंगी।महिला सशक्तिकरण में संयुक्त परिवार की संरचना पर चर्चा और मोबाइल के अत्यधिक उपयोग के कारण बच्चों में बढ़ते तनाव पर जागरूकता सत्र आयोजित किए जाएंगे। साथ ही, महिलाओं और बच्चों के लिए पारंपरिक खेल प्रतियोगिताओं का भी आयोजन होगा। यह 'संस्कृति सप्ताह' भारतीय संस्कृति और मूल्यों को बढ़ावा देने के साथ-साथ सामाजिक जिम्मेदारियों को भी पूरा करने का एक सराहनीय प्रयास है।

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