हरि शेवा उदासीन आश्रम में धर्म ध्वजा झण्डा साहब की स्थापना 27 को, रामायण का अखण्ड पाठ शुरू

हरि शेवा उदासीन आश्रम में धर्म ध्वजा झण्डा साहब की स्थापना 27 को, रामायण का अखण्ड पाठ शुरू
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भीलवाड़ा। चार दिवसीय वार्षिक वर्सी उत्सव के प्रथम दिन गुरूवार 26 जून को हरि शेवा उदासीन आश्रम सनातन मंदिर भीलवाड़ा में बाबा हरिराम साहब जी की 78वां वार्षिक वर्सी उत्सव मनाया गया। प्रातःकाल में सतगुरूओं की समाधियों, दरबार साहब, आसण साहब पर अनुयायियों ने शीश निवाते हुए प्रार्थना की। ब्राह्मण मण्डलियो द्वारा वैदिक मंत्रोच्चार के साथ हवन यज्ञ हुआ।

संतों महात्माओं की उपस्थिति में श्री रामायण का अखण्ड पाठ प्रारम्भ हुआ। सत्संग प्रवचन की श्रंखला में पुष्कर के श्रीमहंत हनुमानराम उदासीन ने भजन ’’हरदम तोखे याद कयूं था सजण सुबू ऐंहि शाम हलीया संत सचा हरिराम’’ प्रस्तुत किया। महामण्डलेश्वर स्वामी हंसराम उदासीन ने भजन ’’ऐसी किरपा मोहे करो, सन्तन चरण हमारो माथा’’ प्रस्तुत करते हुए बताया कि जीव को सदैव प्रभु परमात्मा के आगे नतमस्तक रहना चाहिए। उन्होंने आधुनिकता के प्रभाव में बच्चो में बढ़ रही संस्कारहीनता को कम करने के लिए माता-पिता को अपने बच्चो के साथ अधिकाधिक समय बिताने के लिए कहा। उन्होंने भजन ’’हर दम हर हन्द हरि आये साण, लट्ठ सा हकल करे हलाये थो पाण’’ प्रस्तुत करते हुए सतगुरूओं के चमत्मकारों व शिक्षाओं की व्याख्या की।

सतगुरू बाबा हरिराम साहब जी के वार्षिक वर्सी उत्सव के उपलक्ष में विशेष पूजन अर्चन हुए। प्रातःकाल में श्री सीताराम गौशाला में गौ सेवा तथा अन्न क्षेत्र की सेवा की गई। संतो महात्माओं विप्रजनो का भण्डारा हुआ। इस अवसर पर बाहर से पधारे हुए श्रीमहंत स्वरूपदास उदासीन अजमेर, श्रीमहंत हनुमानराम उदासीन पुष्कर, महंत आत्मदास उज्जैन, महंत श्यामदास जी किशनगढ़, स्वामी ईश्वरदास, स्वामी अर्जुनदास अजमेर, स्वामी मोहनदास चंदन इन्दौर एवं उदासीन निर्वाण मण्डल के संत महात्माओं ने संगत को दर्शन लाभ प्रदान किया।

सांयकाल में नितनेम, हनुमान चालीसा पाठ, सत्संग हुए तथा भगत मण्डलियों द्वारा भी भजन प्रस्तुत किये गए। शुक्रवार 27 जून उत्सव के द्वितीय दिन नितनेम, संतो-महात्माओं के सत्संग प्रवचन के साथ श्री श्रीचन्द्र सिद्धान्त सागर का अखण्ड पाठ प्रारम्भ होगा। श्री रामायण के अखण्ड पाठ का भोग पड़ेगा। सांयकाल में आश्रम प्रांगण में धर्मध्वजा (झण्डा साहिब) रोहण होगा। भगवान जगन्नाथ यात्रा के आश्रम में पहुंचने पर स्वागत एवं प्रसाद वितरण किया जायेगा।

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