एनजीटी सख्त: शहर में आवारा मवेशियों की समस्या पर कलेक्टर और नगर निगम को नोटिस, 4 सप्ताह में मांगा जवाब

भीलवाड़ा। शहर की सड़कों पर डेरा डाले आवारा मवेशियों की समस्या को लेकर नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) ने कड़ा रुख अपनाया है। एनजीटी की सेंट्रल जोनल बेंच, भोपाल ने शहर में मवेशियों की समस्या का समाधान न होने पर भीलवाड़ा जिला कलेक्टर और नगर निगम को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है।
न्यायमूर्ति श्यो कुमार सिंह एवं विशेषज्ञ सदस्य ईश्वर सिंह की पीठ ने पर्यावरणविद बाबू लाल जाजू की याचिका पर सुनवाई करते हुए यह आदेश दिए। एनजीटी ने वर्ष 2017 में पारित आदेशों की पालना नहीं होने पर नाराजगी जाहिर की और प्रशासन को चार सप्ताह में जवाब दाखिल करने तथा छह सप्ताह में अनुपालन रिपोर्ट पेश करने के निर्देश दिए हैं।
एनजीटी के मुख्य निर्देश:
प्रबंधन: नगर निगम जल्द ही गोशाला को अपने प्रबंधन में लेने की प्रक्रिया शुरू करे।
गंभीर समस्या: ट्रिब्यूनल ने माना कि खुले में घूम रहे मवेशी न केवल यातायात में बाधा डाल रहे हैं, बल्कि सड़क दुर्घटनाओं और वायु प्रदूषण का भी प्रमुख कारण बन रहे हैं।
अगली सुनवाई: मामले की अगली सुनवाई अब 7 अप्रैल को होगी।
प्रशासन को अब युद्ध स्तर पर इस समस्या के समाधान के लिए कार्य योजना प्रस्तुत करनी होगी, अन्यथा आगामी सुनवाई में कड़ी कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है।
प्रशासन एवं कानून व्यवस्था: शहर की बदहाल यातायात व्यवस्था, आवारा मवेशियों की समस्या और प्रशासन की कार्यप्रणाली से जुड़ी हर बड़ी और ताजा खबरों के लिए जुड़े रहें भीलवाड़ा हलचल के साथ। समाचार भेजें 9829041455 पर।
