नारायण सेवा संस्थान में 501 दिव्यांग कन्याओं का पूजन: दुर्गाष्टमी और रामनवमी पर श्रद्धा और सेवा का संगम

उदयपुर। सेवा और भक्ति की पावन धरा उदयपुर के नारायण सेवा संस्थान में गुरुवार को दुर्गाष्टमी और रामनवमी के शुभ अवसर पर एक हृदयस्पर्शी आयोजन हुआ। संस्थान के सेवा महातीर्थ परिसर में माँ दुर्गा के नौ स्वरूपों के प्रतीक स्वरूप 501 दिव्यांग कन्याओं का विधि-विधान से पूजन कर उनके उज्ज्वल और समर्थ भविष्य की मंगलकामना की गई।
श्रद्धापूर्वक पूजन और सम्मान:
संस्थान की निदेशक वंदना अग्रवाल ने कन्याओं का पूजन कर उन्हें तिलक लगाया और आरती उतारी। पूजन के पश्चात सभी नन्ही लाडलियों को उपहार भेंट किए गए और उन्हें श्रद्धापूर्वक हलवा, पूरी, खीर व चने का प्रसाद जिमाया गया। इस दौरान पूरा परिसर 'जय माता दी' के जयकारों और भक्तिमय वातावरण से सराबोर रहा।
सेवा और आत्मनिर्भरता का संकल्प:
निदेशक वंदना अग्रवाल ने इस अवसर पर कहा कि कन्या पूजन केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि नारी शक्ति के प्रति सम्मान और सेवा का प्रतीक है। संस्थान का मूल उद्देश्य इन दिव्यांग कन्याओं को निःशुल्क चिकित्सा, शिक्षा और कौशल प्रशिक्षण प्रदान कर उन्हें समाज की मुख्यधारा में आत्मनिर्भर बनाना है।
22 वर्षों से जारी है गौरवशाली परंपरा:
संस्थान अध्यक्ष प्रशांत अग्रवाल ने जानकारी दी कि नारायण सेवा संस्थान पिछले 22 वर्षों से निरंतर इस कन्या पूजन की परंपरा का निर्वहन कर रहा है। विशेष बात यह है कि नवरात्रि के पावन दिनों में इन कन्याओं के लिए निःशुल्क दिव्यांगता सुधारात्मक सर्जरी की व्यवस्था भी की जाती है, ताकि वे शारीरिक बाधाओं को पार कर एक नया जीवन शुरू कर सकें। कार्यक्रम का सफल संयोजन महिम जैन द्वारा किया गया।
