चाँदमा गांव की बदहाल स्थिति को लेकर ग्रामवासियों ने सौंपा ज्ञापन, शिक्षा, स्वास्थ्य और जल संकट को लेकर जताई चिंता

चाँदमा गांव की बदहाल स्थिति को लेकर ग्रामवासियों ने सौंपा ज्ञापन, शिक्षा, स्वास्थ्य और जल संकट को लेकर जताई चिंता
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भीलवाड़ा (प्रहलाद तेली)। आजादी के 77 साल बाद भी जिले की अंतिम सीमा से सटे गांव चाँदमा की स्थिति अत्यंत दयनीय बनी हुई है। शुक्रवार को गांववासियों ने अपनी विभिन्न समस्याओं को लेकर जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा और गांव की बदहाली से अवगत करवाया।

चाँदमा गांव विकास की दृष्टि से बेहद पिछड़ा हुआ है। यहां विद्यालयों की हालत बेहद खराब है और केवल आठवीं कक्षा तक की ही पढ़ाई उपलब्ध है। इस कारण बच्चों को आगे की पढ़ाई के लिए अन्य गांवों में जाना पड़ता है। कई बच्चे आठवीं के बाद पढ़ाई छोड़ने को मजबूर हो जाते हैं, और लड़कियों के मामले में स्थिति और भी चिंताजनक है। कई परिवार उन्हें बाहर नहीं भेजते, जिससे उनका कम उम्र में बाल विवाह हो रहा है।

हाल ही में गांव के सबसे बड़े विद्यालय में बारिश का पानी भर गया, जिससे स्कूल डूब गया है। बच्चों को अन्य स्कूलों में शिफ्ट किया गया है, परंतु वहां न तो बैठने की उचित व्यवस्था है और न ही पीने के पानी की। इस वजह से बच्चों को कई कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामवासियों ने मांग की है कि गांव में 12वीं तक का नया विद्यालय भवन स्वीकृत किया जाए, ताकि बच्चों को गांव में ही अच्छी शिक्षा मिल सके।

पेयजल संकट भी गांव की एक बड़ी समस्या है। चंबल परियोजना के तहत हर घर में नल तो पहुंच गया है, लेकिन उनमें पानी नहीं आता। तालाबों में अधिक पानी भर जाने के कारण लोग पंप के माध्यम से पानी लाने में असमर्थ हैं। यह समस्या ग्रामीणों के जीवन को प्रतिदिन प्रभावित कर रही है।

सड़कें भी गांव की एक गंभीर समस्या हैं। फुलिया से चाँदमा तक का सड़क मार्ग नदी के कारण बंद कर दिया गया है। पास के गांव कादेड़ा में ग्रामवासियों का अधिक कार्य रहता है, परंतु वहां की सड़कें भी जर्जर स्थिति में हैं। यदि कोई बीमार हो जाए तो हॉस्पिटल तक पहुंचना बेहद कठिन हो जाता है। ग्राम में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र होने के बावजूद भी वहां कोई डॉक्टर नियुक्त नहीं है, जिससे इलाज के लिए दूर-दराज जाना पड़ता है।

गांव को ग्राम पंचायत से जोड़ने के लिए चाँदमा से सनगारी तक सड़क निर्माण की मांग भी ज्ञापन में की गई।

इन सभी समस्याओं को सुनने के बाद कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों को गांव में विजिट कर स्थिति का जायजा लेने और रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। साथ ही आगामी 7 दिनों के भीतर गांव में रात्रि चौपाल आयोजित करने और डीएमडी फंड से नया स्कूल भवन निर्माण की घोषणा की गई।

इस दौरान गांव के प्रमुख मिट्ठू लाल खाती, मुकेश योगी, भोलू राम गुर्जर, पप्पू नाथ, केदारनाथ, रामेश्वर गुर्जर, मंसाराम गुर्जर और मालाराम गुर्जर सहित कई ग्रामीण उपस्थित रहे।

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