नाले में गिरकर हो रही गौवंश की मौतों को लेकर गौ सेवकों का विरोध, यूआईटी सचिव को सौंपा ज्ञापन

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भीलवाड़ा (अंकुर) । शहर के देवरिया बालाजी क्षेत्र के पास खुले नाले में गिरकर गौवंश की लगातार हो रही मौतों को लेकर आज गौ सेवकों ने गहरी चिंता जताई। इस समस्या के स्थायी समाधान की मांग को लेकर गौ सेवकों ने नगर विकास न्यास के सचिव को ज्ञापन सौंपते हुए नाले को तुरंत बंद कराने की मांग की। गौ सेवकों का कहना है कि यदि समय रहते इस नाले को कवर नहीं किया गया तो भविष्य में और भी गौवंश अपनी जान गंवा सकते हैं।

गौ सेवकों ने बताया कि देवरिया बालाजी के पास बना यह नाला लंबे समय से खुला हुआ है, जिससे क्षेत्र में विचरण करने वाला गौवंश आए दिन इसमें गिर जाता है। नाले की गहराई अधिक होने और फिसलन के कारण कई बार गौवंश बाहर नहीं निकल पाता और उसकी असामयिक मृत्यु हो जाती है। बीते एक से दो महीनों के दौरान इस नाले में गिरने से आठ से दस गौवंश की मौत हो चुकी है, जो प्रशासनिक लापरवाही को दर्शाता है।

ज्ञापन सौंपने आए गौ सेवकों ने बताया कि इस गंभीर समस्या को लेकर इससे पूर्व जिला कलेक्टर को भी अवगत कराया गया था। जिला कलेक्टर ने मामले की गंभीरता को समझते हुए तत्काल यूआईटी सचिव से फोन पर बात कर आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए थे। इसके बावजूद अब तक नाले को बंद करने या सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम नहीं किए गए, जिससे गौ सेवकों में रोष व्याप्त है।

गौ सेवकों का कहना है कि कई बार उन्होंने स्वयं जोखिम उठाकर नाले में गिरे गौवंश को बाहर निकाला और उनकी जान बचाई। यदि समय पर मदद नहीं मिलती तो मृतकों की संख्या और अधिक हो सकती थी। उन्होंने बताया कि यह नाला मुख्य मार्ग के पास स्थित है और आसपास आबादी भी है, ऐसे में यह न केवल गौवंश बल्कि आम लोगों के लिए भी खतरे का कारण बना हुआ है।

गौ सेवकों ने प्रशासन से मांग की है कि नाले को जल्द से जल्द बन्‍द क‍िया जाये ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि गौवंश की सुरक्षा प्रशासन की जिम्मेदारी है और इसमें किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

ज्ञापन के माध्यम से गौ सेवकों ने चेतावनी दी कि यदि शीघ्र ही इस दिशा में ठोस कदम नहीं उठाए गए तो वे आंदोलन करने को मजबूर होंगे। उनका कहना है कि गौवंश की रक्षा के लिए वे हर स्तर पर संघर्ष करेंगे।

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