भीलवाड़ा में बाल विवाह मुक्त अभियान: 800 बच्चों ने ली शपथ, स्कूलों में चल रही जागरूकता की मुहिम

भीलवाड़ा BHN बाल अधिकारिता विभाग और जिला बाल संरक्षण इकाई के नेतृत्व में चल रहे बाल विवाह मुक्त भारत अभियान के तहत जिले के विभिन्न स्कूलों में जागरूकता गतिविधियां आयोजित की गईं। महात्मा गांधी रा विद्यालय शास्त्री नगर, रा उच्च प्राथमिक विद्यालय कावाखेड़ा, रा प्रा विद्यालय हाउसिंग बोर्ड, रा उच्च प्रा विद्यालय कावाखेड़ा, आदर्श विद्या मंदिर अम्बेडकर नगर और ब्राइट वेल पब्लिक स्कूल कावाखेड़ा में बच्चों को बाल विवाह रोकने के लिए शपथ दिलाई गई।
बाल विवाह रोकना अब बच्चों की जिम्मेदारी
जिला बाल संरक्षण इकाई के सहायक निदेशक धर्मराज प्रतिहार के निर्देशानुसार आयोजित इस अभियान में बच्चों को बताया गया कि बाल विवाह केवल एक सामाजिक अभिशाप है, जिसे रोकना हर किसी की जिम्मेदारी है। बच्चों को यह भी समझाया गया कि सरकार 100 दिवसीय अभियान चला रही है, जिसमें विभिन्न जागरूकता गतिविधियों के माध्यम से समाज में बाल विवाह को रोकने का संदेश फैलाया जा रहा है।
जागरूकता गतिविधियों में विशेषज्ञों ने दी जानकारी
कार्यक्रम में जिला बाल संरक्षण इकाई की संरक्षण अधिकारी अनुराधा तोलंबिया, चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 के परियोजना समन्वयक हेमंत सिंह, सुपरवाइजर राधेश्याम गुर्जर, और केस वर्कर शिवराज खटीक ने बच्चों को बाल विवाह रोकने और हेल्पलाइन नंबर 1098 पर जानकारी देने के तरीके की जानकारी दी। सभी ने कहा कि जानकारी देने वाले का नाम पूर्ण रूप से गोपनीय रखा जाएगा।
स्कूल प्रशासन और 800 बच्चों ने बढ़ाया अभियान का उत्साह
इस गतिविधि में महात्मा गांधी रा विद्यालय शास्त्री नगर प्रिंसिपल राजकुमार काकरिया, रा उच्च प्रा विद्यालय कावाखेड़ा प्रिंसिपल राकेश कुमार लौट, रा प्रा विद्यालय हाउसिंग बोर्ड प्रिंसिपल रेखा पांडे, रा उच्च प्रा विद्यालय कावाखेड़ा प्रिंसिपल प्रदीप मेहता, आदर्श विद्या मंदिर अम्बेडकर नगर प्रिंसिपल मुकेश जीनगर और ब्राइट वेल पब्लिक स्कूल प्रिंसिपल सीता चौहान उपस्थित रहे।कुल 800 बच्चों ने शपथ ली और वचन दिया कि वे बाल विवाह को रोकने के लिए समाज में सक्रिय भूमिका निभाएंगे।
बाल विवाह रोकना हर किसी की जिम्मेदारी
आयोजकों ने बच्चों और उपस्थित लोगों को समझाया कि बाल विवाह समाज का अभिशाप है और इसे रोकने के लिए सभी को सामाजिक चेतना और साहस दिखाना होगा। बच्चों को प्रशिक्षित किया गया कि वे अपने परिवार और समाज में इस दिशा में जागरूकता फैलाएं और जरूरत पड़ने पर 1098 चाइल्ड हेल्पलाइन पर जानकारी साझा करें।
