सावधान! गैस बुकिंग और बिल अपडेट के नाम पर खाली हो रहे खाते, ठगों ने अपनाया 'APK फाइल' का नया पैंतरा

भीलवाड़ा। अगर आपके मोबाइल पर बिजली या गैस बिल अपडेट करने, या पेंडिंग बिल जमा न करने पर कनेक्शन काटने की धमकी भरा कोई मैसेज या कॉल आता है, तो सावधान हो जाएं! साइबर ठगों ने अब बिजली और गैस बिलों को हथियार बनाकर लोगों की मेहनत की कमाई पर डाका डालना शुरू कर दिया है। देशभर में इस तरह के मामले तेजी से सामने आ रहे हैं, जहाँ केवल एक छोटी सी गलती से लोगों के खाते मिनटों में खाली हो रहे हैं।
कैसे हो रही है ठगी?
ठग बिजली या गैस विभाग के अधिकारी बनकर उपभोक्ताओं को व्हाट्सएप या एसएमएस पर मैसेज भेजते हैं। इसमें लिखा होता है कि "आपका बिल अपडेट नहीं है, या पिछले महीने का बिल पेंडिंग है। अगर तुरंत भुगतान नहीं किया गया या बिल अपडेट नहीं हुआ, तो आज रात आपका कनेक्शन काट दिया जाएगा।" डर के मारे लोग मैसेज में दिए गए मोबाइल नंबर पर कॉल करते हैं, जहाँ ठग उन्हें 'समस्या के समाधान' के लिए एक अनजान मोबाइल ऐप (APK फाइल) डाउनलोड करने के लिए उकसाते हैं।
धोखे का 'APK' जाल
जैसे ही आप ठगों के कहे अनुसार वह 'APK फाइल' या ऐप अपने मोबाइल में डाउनलोड और इंस्टॉल करते हैं, वह आपके फोन का पूरा एक्सेस ठगों को दे देता है। इसके बाद ठग आपके मोबाइल के एसएमएस, ओटीपी (OTP), और बैंकिंग पासवर्ड चोरी कर लेते हैं और आसानी से आपके बैंक खाते से पैसे उड़ा देते हैं। पीड़ित को पता भी नहीं चलता कि उसके साथ ठगी हो चुकी है, जब तक कि उसके पास पैसे कटने का मैसेज नहीं आता।
बचने के उपाय: इन बातों का रखें ध्यान
* अनजान लिंक्स और ऐप्स से बचें: कभी भी बिजली या गैस बिल से संबंधित किसी मैसेज या कॉल पर मिले किसी भी लिंक या फाइल (विशेषकर .apk) को डाउनलोड या इंस्टॉल न करें। बिजली और गैस विभाग कभी भी व्हाट्सएप पर कोई ऐप या फाइल डाउनलोड करने के लिए नहीं कहता।
* मैसेज को परखें: आधिकारिक बिलिंग मैसेज में हमेशा आपका कंज्यूमर नंबर और बकाया राशि स्पष्ट लिखी होती है। धमकी भरे लहजे वाले मैसेज से सावधान रहें।
* आधिकारिक माध्यमों का ही करें इस्तेमाल: बिल जमा करने के लिए केवल संबंधित विभाग की आधिकारिक वेबसाइट, मोबाइल ऐप या मान्यता प्राप्त ई-मित्र, बिजलीघर, या गैस एजेंसी के काउंटरों का ही उपयोग करें।
* फोन कॉल पर सावधानी: यदि कोई विभाग का अधिकारी बनकर फोन करता है और किसी अनजान ऐप को डाउनलोड करने या ओटीपी मांगने के लिए कहता है, तो तुरंत फोन काट दें। विभाग कभी भी ओटीपी नहीं मांगता।
* दूसरों को करें जागरूक: अपने परिवार और आसपास के लोगों, विशेषकर बुजुर्गों को, इस नए तरह की ठगी के बारे में बताएं और उन्हें सतर्क रहने के लिए प्रेरित करें।
आपकी थोड़ी सी सतर्कता आपको और आपके परिवार की गाढ़ी कमाई को इस साइबर फ्रॉड से बचा सकती है। याद रखें, एक छोटी सी लापरवाही आपके बैंक खाते को खाली कर सकती है।
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