भीलवाड़ा: CMHO की कुर्सी के लिए 'बैंड-बाजा और ड्रामा', कोर्ट से स्टे लेकर कार्यालय पहुँचे पूर्व अधिकारी, नहीं मिली ज्वाइनिंग

भीलवाड़ा: CMHO की कुर्सी के लिए बैंड-बाजा और ड्रामा, कोर्ट से स्टे लेकर कार्यालय पहुँचे पूर्व अधिकारी, नहीं मिली ज्वाइनिंग
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भीलवाड़ा हलचल।

भीलवाड़ा स्वास्थ्य विभाग इन दिनों इलाज से ज्यादा प्रशासनिक खींचतान के कारण चर्चा में है। पिछले 4 महीनों से सीएमएचओ (CMHO) पद को लेकर जारी रस्साकशी गुरुवार को उस समय चरम पर पहुँच गई, जब पूर्व सीएमएचओ डॉ. सीपी गोस्वामी समर्थकों और बैंड-बाजे के साथ अपनी दावेदारी ठोकने दफ्तर पहुँचे।

कोर्ट का स्टे और 'शाही' एंट्री

डॉ. सीपी गोस्वामी को विभाग ने पहले निलंबित कर दिया था, जिस पर अब उन्हें हाईकोर्ट से स्टे मिल गया है। कोर्ट की राहत के बाद डॉ. गोस्वामी पूरे लाव-लश्कर और गाजे-बाजे के साथ सीएमएचओ कार्यालय पहुँचे। उनकी मंशा साफ थी कि कोर्ट के आदेश के आधार पर वे तुरंत अपनी कुर्सी दोबारा संभाल लें।

सरकारी आदेश के बिना 'एंट्री' पर रोक

बैंड-बाजे के साथ पहुँचे डॉ. गोस्वामी को उस समय झटका लगा जब कार्यालय ने उन्हें ज्वाइन कराने से इनकार कर दिया। कार्यालय प्रशासन का तर्क था कि बिना उच्च अधिकारियों के औपचारिक आदेश (Administrative Order) के, केवल कोर्ट स्टे की कॉपी के आधार पर ज्वाइनिंग नहीं कराई जा सकती।

वर्तमान स्थिति: डॉ. संजीव शर्मा के पास चार्ज

विभाग में पदों का फेरबदल भी उतनी ही तेजी से चल रहा है:

* एक दिन पहले ही सरकार ने अतिरिक्त कार्यभार संभाल रहे डॉ. रामकेश गुर्जर को पद से हटा दिया था।

* वर्तमान में आरसीएचओ डॉ. संजीव शर्मा को सीएमएचओ पद का अतिरिक्त कार्यभार सौंपा गया है।

* तमाम ड्रामे के बावजूद फिलहाल डॉ. संजीव शर्मा ही पद पर बने रहेंगे।

यह पूरा घटनाक्रम शहर में चर्चा का विषय बना हुआ है कि आखिर स्वास्थ्य विभाग की सेवाएँ कब तक इन प्रशासनिक फेरबदल और कानूनी विवादों में उलझी रहेंगी।

भीलवाड़ा हलचल: जिले के प्रशासनिक गलियारों और स्वास्थ्य विभाग की हर हलचल से अपडेट रहने के लिए जुड़े रहें।

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