स्वामी महाराज शताब्दी महोत्सव पर 250 दिव्यांगों को मिले सहायक उपकरण

भीलवाड़ा । "परम पूज्य स्वामी वामदेव जी महाराज का जीवन परोपकार का पर्याय था। आज उनके शताब्दी महोत्सव पर दिव्यांगजनों को संबल प्रदान करना ही उन्हें सच्ची भावांजलि है। नर सेवा ही नारायण सेवा है और जब एक दिव्यांग व्यक्ति को कृत्रिम अंग या उपकरण मिलता है, तो वह केवल उसे सहारा नहीं, बल्कि स्वावलंबन और सम्मान से जीने का अधिकार मिलता है। यह बात "पूज्यपाद ब्रह्मलीन विरक्त शिरोमणि परमहंस स्वामी वामदेव महाराज के शताब्दी आनंद महोत्सव के पावन अवसर पर श्रीधाम वृंदावन में सेवा की अनूठी सरिता के दौरान वक्ताओं ने कही। तीन दिवसीय नि:शुल्क विशाल कृत्रिम अंग प्रत्यारोपण एवं दिव्यांग उपकरण वितरण शिविर के प्रथम दिन शुक्रवार को 250 से अधिक दिव्यांगों के जीवन में नई रोशनी आई। शिविर के पहले दिन उत्साहजनक माहौल रहा। सेवा के संकल्प के साथ शुरू हुए इस अभियान में प्रथम दिन ही 58 ट्राईसाइकिल, 15 व्हीलचेयर, 50 बैशाखी और 50 श्रवण यंत्र वितरित किए गए। इसके साथ ही दिव्यांगों की शारीरिक आवश्यकतानुसार 10 कैलीपर, 17 कृत्रिम पैर, 7 कृत्रिम हाथ, 15 स्टिक, 4 ब्लाइंड स्टिक और 10 वॉकर प्रदान कर उन्हें संबल दिया गया। यह पुनीत कार्य भगवान महावीर विकलांग सहायता समिति (जयपुर), भारत विकास परिषद (राजस्थान मध्य प्रांत) एवं स्वामी वामदेव अखण्ड ज्योति सेवा ट्रस्ट के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित किया जा रहा है। शिविर में सेवा के लिए प्रांतीय और क्षेत्रीय स्तर के पदाधिकारी जुटे हुए हैं।
शिविर में क्षेत्रीय संपर्क प्रमुख गोविंद सोडानी, प्रांतीय सेवा संयोजक सर्वेश विजय, प्रांतीय संयोजक (संपर्क) रजनीकांत आचार्य, प्रांतीय प्रचार-प्रसार प्रमुख दिनेश वैष्णव, ब्यावर मुख्य शाखा कोषाध्यक्ष अशोक मेवाड़ा और प्रांतीय महासचिव आनंद सिंह राठौड़, गोपी किशन पाटोदिया सहित कई कार्यकर्ताओं ने अपनी समर्पित सेवाएं दीं। शिविर का समापन 2 मार्च को होगा। आयोजकों ने बताया कि इस सेवा यज्ञ को निर्बाध रूप से चलाने और अधिक से अधिक जरूरतमंदों तक लाभ पहुँचाने के लिए दानदाताओं से आर्थिक सहयोग की अपेक्षा है। इच्छुक व्यक्ति गोविंद सोडानी से संपर्क कर अपनी दान राशि प्रेषित कर सकते हैं।
