4 लाख श्रमिकों के हक पर ‘सिस्टम’ की बेरुखी, ईएसआई अस्पताल टेकओवर की मांग तेज

भीलवाड़ा BHNवस्त्र नगरी भीलवाड़ा में ईएसआई अस्पताल के कायाकल्प और केंद्र सरकार द्वारा पूर्ण टेकओवर की मांग फिर जोर पकड़ने लगी है। शनिवार को नई दिल्ली से आए इंश्योरेंस मेडिकल कमिश्नर (आईएमसी) डॉ. दीपक जोशी के बापूनगर स्थित अस्पताल दौरे के दौरान भारतीय मजदूर संघ (बीएमएस) ने ज्ञापन सौंपकर अस्पताल में विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी और अव्यवस्थाओं का मुद्दा उठाया।
जिला मंत्री हरीश सुवालका के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने अस्पताल की 50 बेड क्षमता को बढ़ाकर 100 करने, 15 में से 13 रिक्त विशेषज्ञ पदों को भरने, स्वयं का आईसीयू, रेडियोलॉजी व पैथोलॉजी विभाग शुरू करने तथा अस्पताल का संचालन पूर्णतः केंद्र सरकार (ईएसआईसी) को सौंपने की मांग की।
ज्ञापन में अन्य शहरों का उदाहरण देते हुए कहा गया कि कोटा में दो वर्ष पूर्व टेकओवर हो चुका है, बीकानेर में नया अस्पताल संचालित है, उदयपुर में वर्षों से सुसज्जित सुविधा उपलब्ध है, और अलवर में कम कार्डधारकों के बावजूद मेडिकल कॉलेज स्वीकृत है, जबकि भीलवाड़ा में 4 लाख से अधिक कार्डधारकों के बावजूद टेकओवर लंबित है।
वर्ष 2021 में ईएसआईसी मुख्यालय ने अस्पताल को केंद्र के अधीन लेने का प्रस्ताव राज्य सरकार को भेजा था। संसद में पूछे गए प्रश्न संख्या 4044 के जवाब में केंद्रीय श्रम एवं रोजगार राज्य मंत्री शोभा करंदलाजे ने बताया कि प्रक्रिया राज्य सरकार की सहमति पर अटकी है।
दौरे के दौरान उदयपुर क्षेत्रीय कार्यालय के संयुक्त निदेशक दीपक चौरसिया भी मौजूद रहे। कमिश्नर ने मांगों को गंभीरता से सुनते हुए उचित कार्यवाही का भरोसा दिलाया। रायला डिस्पेंसरी शीघ्र शुरू करने का आश्वासन भी दिया गया।
ज्ञापन के दौरान प्रभाष चौधरी, शंभू तेली, भैरूलाल बैरवा सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित रहे।
