चेटीचंड महापर्व पर सिंधी समाज के 72 शिक्षाविदों का सम्मान

चेटीचंड महापर्व पर सिंधी समाज के 72 शिक्षाविदों का सम्मान
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भीलवाड़ा। शहर में सिंधी समाज के आराध्य देव भगवान वरूणदेव झूलेलाल साहब के अवतरण दिवस के प्रतीक चेटीचंड महापर्व के अंतर्गत चल रहे 10 दिवसीय आयोजन के पाँचवें दिन रविवार को एक गरिमामय सम्मान समारोह आयोजित किया गया। स्थानीय स्टेशन चौराहा स्थित मशीनरी मार्केट के निकट सिंधी समाज के प्राचीनतम दादा हेमराजमल भगत झूलेलाल सनातन मंदिर में समाज के 72 शिक्षाविदों एवं शिक्षा क्षेत्र से जुड़े कर्मियों को तिलक, पुष्पहार एवं स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया।

सिंधी समाज के मीडिया प्रभारी मूलचंद बहरवानी ने बताया कि समारोह में शिक्षा क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले शिक्षकों और स्वयंसेवी शिक्षकों का अभिनंदन कर उनके कार्यों की सराहना की गई। कार्यक्रम के मुख्य अतिथियों में भाजपा जिलाध्यक्ष प्रशांत मेवाड़ा, गुलाबपुरा नगर पालिका के पूर्व अध्यक्ष चेतन पेशवानी, विधायक अशोक कोठारी के कार्यालय प्रभारी बाबूलाल टांक, मेवाड़ यूनिवर्सिटी के निदेशक हरीश गुरनानी, डॉ. गिरीश दत्ता, पूर्व अतिरिक्त कलेक्टर प्रशासन हुंदल विधानी, प्रेस क्लब भीलवाड़ा के उपाध्यक्ष मूलचंद पेसवानी, प्रमुख व्यवसायी मनोहर बदलानी एवं वरिष्ठ समाजसेवी लालचंद नथरानी सहित कई गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

कार्यक्रम के दौरान समिति के महामंत्री हरीश कुमार सखरानी ने जानकारी दी कि इस अवसर पर समाज की कवयित्री कविता रामचंदानी द्वारा नारी शक्ति की महिमा पर आधारित पुस्तक “नारी तू नारायणी” का भी अतिथियों द्वारा लोकार्पण किया गया।

संस्थाध्यक्ष गुलशन कुमार विधानी ने अतिथियों का स्वागत करते हुए कहा कि समाज में शिक्षा का प्रसार और संस्कारों का संवर्धन शिक्षकों के समर्पण से ही संभव है। उन्होंने बताया कि इस अवसर पर सोनिया टहलानी, द्रोपदी सिंधी, खुशबू लालवानी, पदमा वाधवानी, राम नानकानी, स्वयंसेवी शिक्षक दिव्या खोतानी, दर्शना आडवानी, मधु तेजवानी, मेघा केवलानी, सुनीता नानकानी सहित भारतीय सिंधु सभा एवं मुस्कान फाउंडेशन द्वारा संचालित शिक्षण गतिविधियों में योगदान देने वाले कई स्वयंसेवी शिक्षकों को भी सम्मानित किया गया।

समारोह को संबोधित करते हुए भाजपा जिलाध्यक्ष प्रशांत मेवाड़ा और विधायक प्रतिनिधि बाबूलाल टांक ने सिंधी समाज को पुरुषार्थ, परिश्रम और राष्ट्रभक्ति का प्रतीक बताते हुए कहा कि समाज ने शिक्षा, व्यापार और सेवा के क्षेत्र में देश के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। उन्होंने कहा कि शिक्षक समाज के साथ-साथ राष्ट्र निर्माण की आधारशिला होते हैं और उनका सम्मान वास्तव में ज्ञान व संस्कारों का सम्मान है।

कार्यक्रम की शुरुआत में सभी अतिथियों ने भगवान झूलेलाल की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धा-सुमन अर्पित किए।

इस अवसर पर टेऊंराम भगत, मंघाराम भगत, लाल भगत, कमल वैशनानी, मनोहर लालवानी, हरीश मानवानी, गंगाराम पेशवानी, राजेश माखीजा, तुलसी सखरानी, तुलसी नथरानी, सुरेश घबरानी, विनोद झुरानी, नाका रामसिंघानी, जितेंद्र रंगलानी सहित समाज के अनेक सदस्य उपस्थित रहे।

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