नैनो उर्वरक उपयोग महाअभियान किसान सभा में किसानों की जानकारी दी

सवाईपुर ( सांवर वैष्णव ):- सवाईपुर कस्बे में मंगलवार को कोटड़ी हरित एफपीसी, सवाईपुर में इफको द्वारा किसान सभा व नि:शुल्क कम्बल वितरण का आयोजन किया गया, जिसमें मुख्य अतिथि सहायक कृषि अधिकारी पीयूष प्रकाश त्रिवेदी रहे l उप क्षेत्रीय प्रबंधक लाला राम चौधरी इफको भीलवाड़ा, सवाईपुर पूर्व सरपंच अमरचंद गाडरी, मदन गोपाल जाट ओएम इफको नैनो वैनशन, किशन लाल गुर्जर कृषि पर्यवेक्षक सवाईपुर और कृषि पर्यवेक्षक सतेंद्र मीणा बड़लियास, गेगा का खेड़ा,आमा, गेंदलिया, ईश्वर चंद्र प्रजापत SFA इफको मांडल, कमलेश भूखर SFA इफको मांडलगढ़, FPC संचालक भीम सिंह राजपूत, हिमांशु श्रोत्रिय आदि मौजूद रहे l क्षेत्रीय अधिकारी लाला राम चौधरी ने नैनो यूरिया और नैनो डीएपी के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि फसल के बीजों को 5 मिली प्रति किलोग्राम बीज की दर से नैनो डीएपी से उपचारित करे एवं जब फसल 30 से 35 दिन की हो जाए तो नैनो डीएपी 4 मिली प्रति लीटर पानी के हिसाब से छिड़काव करें, इस प्रक्रिया में 50% दानेदार डीएपी की बचत हो जाती है साथ ही नैनो यूरिया 4 मिली प्रति लीटर पानी में घोलकर जब फसल 30 से 35 दिन की हो जाए, उसे समय नैनो यूरिया और नैनो डीएपी एक साथ मिलाकर छिड़काव करें । नैनो उत्पादों के साथ खरपतवार नाशक और अन्य कीटनाशक दवाओं का छिड़काव आसानी से किया जा सकता है । इस प्रकार किसान भाई नैनो उर्वरकों का प्रयोग कर दानेदार खाद की मात्रा को आधा कर सकते हैं, जिससे कि मृदा, जल और वायु को प्रदूषित होने से बचाया जा सकता है क्योंकि दानेदार खाद की 30- 40% मात्रा ही पौधों द्वारा उपयोग में लाई जाती है बाकी शेष मात्रा मृदा,जल और वायु को प्रदूषित करती है, जबकि नैनो उर्वरक 90 से 95% तक पौधे द्वारा उपयोग में लाई जाती है, जिससे प्रदूषण के नहीं के बराबर होता है । अत किसान भाई अपनी फसल पर नैनो उर्वरकों का प्रयोग अवश्य करें । साथ ही ड्रोन द्वारा प्रदर्शन करते हुए किसानों को ड्रोन द्वारा छिड़काव के फायदे के बारे में जानकारी l कार्यक्रम के उपरांत 15 गरीब व बेसहारा लोगों को निःशुल्क कंबल वितरण भी किया गया l पीयूष प्रकाश त्रिवेदी ने कृषि विभागीय योजनाओं के बारे में जानकारी प्रदान की l मदन गोपाल जाट द्वारा इफको नैनो जिंक व कॉपर के बारे में जानकारी प्रदान की । किसान सभा में आसपास के दर्जनों लोग से 100 से अधिक किसानों ने भाग लिया l कार्यक्रम के अंत में भीम सिंह राजपूत ने धन्यवाद ज्ञापित किया । l
